sp65 लता रफी मुकेश
sp65 लता रफी मुकेश
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लता रफी मुकेश मन्ना डे और महेंद्र कपूर से गायक
फिल्म जगत में भरे हुए हैं ऐसे दिव्य स्वरों के नायक
उनसे बेहतर कोई गा सके ऐसी प्रतिभा ढूंढ रहे सब
अब तक कोई मिला नहीं है जिसको जग समझे इस लायक
नहीं असंभव कुछ भी जग में ऐसा भी हो सकता है
दिव्य स्वरों का मालिक कोई नई फसल बो सकता है
नए दौर की नई उम्र में कुछ अलबेले तय आएंगे
इस युग के होंगे जननायक अपनी छाप छोड़ जाएंगे
खुलकर हम कहते हैं आज भी आने वाला नया जमाना
नई गजल और गीत सुनाने आएगा कोई दीवाना
परवानो की कमी नहीं है शमां जल रही है महफिल में
अलग-अलग ख्वाहिशें नहीं है जलने की आरजू है दिल में
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डॉक्टर इंजीनियर
मनोज श्रीवास्तव
यह भी गायब वह भी गायब