इस ओर से कोशिश होती रही रिश्ते निभाने की।

इस ओर से कोशिश होती रही रिश्ते निभाने की।
आज पता चला मै तो एक चीज था बस दिखाने की।।
मैने शिद्दत से उसे अपना माना था लेकिन वह शायद अदाकारा निकली।
समझ सकता हु मै क्यों कि मेरी हर कोशिश नकारा निकली।
अब शायद मैं चुप हो जाऊ और टूटते देखू रिश्तों को।
।नाहक बोझ बनू मैं अब रिश्तों
जीना तो है ही आखिर चाहूं जीयु अब मैं किस्तों पर।।