Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 May 2024 · 1 min read

वह भी और मैं भी

घर में
एक अजनबी की तरह
कैद है
वह भी
मैं भी
हालात उसके मुझसे
बेहतर हैं पर
तंग, बदहाल, बेदम,
बदशक्ल और
बददिमाग है
वह भी और
मैं भी।

मीनल
सुपुत्री श्री प्रमोद कुमार
इंडियन डाईकास्टिंग इंडस्ट्रीज
सासनी गेट, आगरा रोड
अलीगढ़ (उ.प्र.) – 202001

Language: Hindi
1 Like · 109 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Minal Aggarwal
View all

You may also like these posts

अधूरा प्रयास
अधूरा प्रयास
Sûrëkhâ
तमाशा
तमाशा
डॉ राजेंद्र सिंह स्वच्छंद
हमने हर रिश्ते को अपना माना
हमने हर रिश्ते को अपना माना
Ayushi Verma
असहाय मानव की पुकार
असहाय मानव की पुकार
Dr. Upasana Pandey
मुश्किल है इन्सान की,
मुश्किल है इन्सान की,
sushil sarna
3193.*पूर्णिका*
3193.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
गले लगाकर हमसे गिले कर लिए।
गले लगाकर हमसे गिले कर लिए।
Rj Anand Prajapati
" तरीका "
Dr. Kishan tandon kranti
हर एकपल तेरी दया से माँ
हर एकपल तेरी दया से माँ
Basant Bhagawan Roy
सवैया
सवैया
Kamini Mishra
चाॅंद
चाॅंद
धर्मेंद्र अरोड़ा मुसाफ़िर
तहक़ीर
तहक़ीर
Shyam Sundar Subramanian
शिक्षा इतनी अद्भुत होती है की,
शिक्षा इतनी अद्भुत होती है की,
Buddha Prakash
निशब्द
निशब्द
Nitin Kulkarni
इंतजार करते रहे हम उनके  एक दीदार के लिए ।
इंतजार करते रहे हम उनके एक दीदार के लिए ।
Yogendra Chaturwedi
सभी नेतागण आज कल ,
सभी नेतागण आज कल ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
कब तक छुपाकर रखोगे मेरे नाम को
कब तक छुपाकर रखोगे मेरे नाम को
Manoj Mahato
कलम बेचकर खा रहे
कलम बेचकर खा रहे
विनोद सिल्ला
पत्रिका समीक्षा
पत्रिका समीक्षा
Ravi Prakash
सही लोगों को
सही लोगों को
Ragini Kumari
दोहा मुक्तक
दोहा मुक्तक
Sudhir srivastava
तुम और मैं
तुम और मैं
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
एक था नंगा फ़कीर
एक था नंगा फ़कीर
Shekhar Chandra Mitra
उन बादलों पर पांव पसार रहे हैं नन्हे से क़दम,
उन बादलों पर पांव पसार रहे हैं नन्हे से क़दम,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
सफलता की चमक
सफलता की चमक
Raazzz Kumar (Reyansh)
आदाब दोस्तों,,,
आदाब दोस्तों,,,
Neelofar Khan
अपनी मर्ज़ी के
अपनी मर्ज़ी के
Dr fauzia Naseem shad
मंजिल
मंजिल
Dr. Pradeep Kumar Sharma
लिखने के आयाम बहुत हैं
लिखने के आयाम बहुत हैं
Shweta Soni
🙅आग्रह🙅
🙅आग्रह🙅
*प्रणय प्रभात*
Loading...