“लफ़्ज़-लफ़्ज़ नश्तर हैं,अर्थ में नसीहत है।
आओ मिलकर सुनाते हैं एक दूसरे को एक दूसरे की कहानी
हमे ऐश्वर्य भोगने की भूख नहीं है।
मुहब्बत है साहब तिजारत नहीं है
खेल कितने है ये जिंदगी तेरे
पारस्परिक सहयोग आपसी प्रेम बढ़ाता है...
गांधीजी की नीतियों के विरोधी थे ‘ सुभाष ’
अभी तो सुबह हुई है, जरा शाम हो जाने दो!
Abhilesh sribharti अभिलेश श्रीभारती
अद्वितीय प्रकृति
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
"इंसान, इंसान में भगवान् ढूंढ रहे हैं ll
बहते हुए पानी की तरह, करते हैं मनमानी
इंतेहा लेकर ज़िंदगी ने पूछा है,
नशा त्याग दो
Lodhi Shyamsingh Rajput "Tejpuriya"
बेशक प्यार उनसे बेपनाह था
Tea Lover Please Come 🍟☕️
कई वजहें होंगी एक दफ़ा मुस्कुराने की, मगर दिल एक उदास लम्हे
मत छेड़ हमें देशभक्ति में हम डूबे है।
*चाचा–भतीजा* / मुसाफ़िर बैठा