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30 Apr 2021 03:23 PM

प्रभु से विनती में दीन दुखियों के कष्ट हरने और चरणों में समर्पित होने की अभिलाषा का भाव बोध है,सादर अभिवादन श्रीमान रजक जी।

बहुत सुंदर सर

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