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31 Jan 2021 12:35 PM

हमारे रविवार को किस तरह से परिभाषित किया जाए यह अपने अपने तरीके से किया ही जाता है पर कोई विचार नहीं करता, आपने इसे किस प्रकार से जीना चाहिए पर प्रकाश डाला है, अब कोई इसका आनंद उठाए या झूझंला कर बैठ जाएं यह तो उसी पर निर्भर है,सादर

आज कल की असंतुष्ट और इलेक्ट्रॉनिक गज़ट की दुनिया ने लोगो से उनकी प्राकृतिकता छीन ली है , अब वो घर में भी बात कम फ़ोन ज्यादा करते है टीवी ज्यादा देखते है । इसके माध्यम से बीएस यही बताना चाहा है कि सन्डे को छुट्टी का मज़ा परिवार के साथ लो , छुट्टी को डैली रूटीन से अलग रखो ।

सन्डे सूर्य देव का दिन है, साधना किया करो। घर के काम करने का दिन है, जल्दी उठा करो।।
आपको सादर नमस्कार।

धन्यवाद सर

31 Jan 2021 10:42 AM

बहुत खूब सोलंकी जी बहुत अच्छा

धन्यवाद जी

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