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27 Sep 2021 12:48 AM

कविता खिलखिला रही है !
बिना बात के ही हॅंसा रही है !
लम्हे को रूमानी बना रही है !
सचमुच, जटिल से जीवन को…
बहुत ही आसान बना रही है !
बातों बातों में ही ये बेजोड़ बन पड़ी है !!

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28 Sep 2021 09:25 PM

जी, आजकल हँसी गायब होती जा रही है इस जटिल जीवन से।सबके पास अपने अपने दुख चिंताए है। प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार जी।।

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