Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

नेताओं के लिए कोई सवाल नही । और ना ही वो जनता के सवालों के उत्तर देने की जिम्मेवारी समझते। अगर ऐसा होता तो इनके चुनाव के एजेंडा से भारत अमेरिका से आगे होता ।
जो अपने खुद के लिखे अजेंडा को झुठला देते है ,वो जनता के सवालों का जवाव क्या देंगे..?
और अभी समय ममता दीदी से कम मोदी जी से पूछने का ज्यादा है कि पिछले एक साल में आपने देश की जनता को कोरोना से बचने के लिए क्या सुरक्षा उपलब्ध कराई है या फिर यही सीखा है कि बोल देना हमारी जिम्मेवारी नही राज्य की जिम्मेवारी है।
नैतिकता के आधार पर इनको इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि जहाँ एक तरफ बंगाल की जनता ने प्रधन्मन्त्री ,गृहमंत्री,और अन्य केबिनेट मंत्रियों के वादों पर अविस्वास जताया है वहीं कोरोना में हो रही मौतों का जिम्मेवारी भी इनको लेनी चाहिए क्योंकि ये प्रभु श्री राम को पूजते है और श्री राम ने नैतिकता का आधार पर पहले राजसिंहासन त्यागा फिर स्वयं की पत्नी सीता को त्यागा।

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

राजनीति में नैतिकता? आपको ढूंढने से भी नहीं मिलेगी। लिखते रहें शायद कभी इनके अंतस जागें। आपको सादर नमस्कार धन्यवाद सर।

Loading...