Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Dec 2022 · 1 min read

Finally, the broken souls have found each other.

Finally, the broken souls have found each other,
At the last of their stations,
They have taken a new train toward the
same destination.
Which have become the beginning of
their imminent joy.
They have been ready to gamble,
everything for each other.
And have been happy with each other’s imperfections.
They have carried the sack of their tears and laughter.
Their love and jealousy have tightly
tied by the strings of their trust and loyalty.
They have never needed flowers and gifts to start their conversations.
They have never needed any words to fill the stabbing silence.
They have danced in the lanes of their dream
before mingling forever and shining the brightest.

2 Likes · 158 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Manisha Manjari
View all
You may also like:
हिन्दी दोहा - दया
हिन्दी दोहा - दया
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
हारता वो है जो शिकायत
हारता वो है जो शिकायत
नेताम आर सी
*रहते परहित जो सदा, सौ-सौ उन्हें प्रणाम (कुंडलिया)*
*रहते परहित जो सदा, सौ-सौ उन्हें प्रणाम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस
Dr Archana Gupta
चैन से जिंदगी
चैन से जिंदगी
Basant Bhagawan Roy
दिल का कोई
दिल का कोई
Dr fauzia Naseem shad
कैसी-कैसी हसरत पाले बैठे हैं
कैसी-कैसी हसरत पाले बैठे हैं
विनोद सिल्ला
2321.पूर्णिका
2321.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
वक्त और रिश्ते
वक्त और रिश्ते
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
हमारा संघर्ष
हमारा संघर्ष
पूर्वार्थ
■
■ "मृतपूजक" वाली छवि से छुटकारा पाएं। जीवित का भी ध्यान रखें
*Author प्रणय प्रभात*
रूपमाला
रूपमाला
डॉ.सीमा अग्रवाल
खुद को मैंने कम उसे ज्यादा लिखा। जीस्त का हिस्सा उसे आधा लिखा। इश्क में उसके कृष्णा बन गया। प्यार में अपने उसे राधा लिखा
खुद को मैंने कम उसे ज्यादा लिखा। जीस्त का हिस्सा उसे आधा लिखा। इश्क में उसके कृष्णा बन गया। प्यार में अपने उसे राधा लिखा
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
🍁मंच🍁
🍁मंच🍁
सुरेश अजगल्ले"इंद्र"
बंजर जमीं सा था वजूद मेरा।
बंजर जमीं सा था वजूद मेरा।
Taj Mohammad
रिश्ते-नाते
रिश्ते-नाते
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
मेरी आँख में झाँककर देखिये तो जरा,
मेरी आँख में झाँककर देखिये तो जरा,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
फिर भी करना है संघर्ष !
फिर भी करना है संघर्ष !
जगदीश लववंशी
"मुश्किल वक़्त और दोस्त"
Lohit Tamta
कई राज मेरे मन में कैद में है
कई राज मेरे मन में कैद में है
कवि दीपक बवेजा
ज़िंदा होने का सबूत दो
ज़िंदा होने का सबूत दो
Shekhar Chandra Mitra
खूबसूरत बहुत हैं ये रंगीन दुनिया
खूबसूरत बहुत हैं ये रंगीन दुनिया
The_dk_poetry
"यात्रा संस्मरण"
Dr. Kishan tandon kranti
ये जो लोग दावे करते हैं न
ये जो लोग दावे करते हैं न
ruby kumari
రామ భజే శ్రీ కృష్ణ భజే
రామ భజే శ్రీ కృష్ణ భజే
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
लोधी क्षत्रिय वंश
लोधी क्षत्रिय वंश
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
तेरी दहलीज़ तक
तेरी दहलीज़ तक
Surinder blackpen
प्रेम और घृणा से ऊपर उठने के लिए जागृत दिशा होना अनिवार्य है
प्रेम और घृणा से ऊपर उठने के लिए जागृत दिशा होना अनिवार्य है
Ravikesh Jha
रमेशराज की कहमुकरी संरचना में 10 ग़ज़लें
रमेशराज की कहमुकरी संरचना में 10 ग़ज़लें
कवि रमेशराज
* सखी *
* सखी *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...