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14 Apr 2023 · 1 min read

Badalo ki chirti hui meri khahish

Badalo ki chirti hui meri khahish
Mukammal hone ki wali thi
Ki mujhe tum mil gaye.
Na sirf mere sapno ko toda
Mujhe bhi tod kar rakh diya.
Khushiyo ke wo char pal ane ki wale the
Ki mujhe tum mil gaye
Meri sari khushiyo ko aag laga kar
mujhe rakh kar diya.
Tufano se sambhal hi rahi thi meri kashti
Ki mujhe tum mil gaye
Meri wajud ko mitti me mila kar
Mujhe banjar bhumi bana diya.

2 Likes · 1 Comment · 404 Views
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