Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 May 2024 · 1 min read

6. *माता-पिता*

नज़्म लिखूँ उनके लिए…
जिन्होंने है मुझे लिखा।
क्या चंद पंक्तियों में…
मैं बयां कर पाऊँगी !
अल्फ़ाज़ नहीं मेरे शब्दकोष में…
कैसे तुम्हें अलंकृत कर पाऊँगी!
अपने जज़्बातों को मै …
कैसे लफ्ज़ों में बयां कर पाऊँगी!
इनके वात्सल्य में भीगी मैं…
हरपल नतमस्तक होती जाऊँगी।
जिनकी बदौलत इस जहां में…
आने का सौभाग्य मिला।
खुदा ने हमारी हर ख्वाहिश…
पूरा करने के लिए,
हमें साथ इनका दिया।
इनका प्यार न होता कभी भी कम,
ऐसा नायाब तोहफा दिया।
सब रिश्तें है इन्हीं की बदौलत…
इन्हीं से हर मुकाम मिला।
‘मधु’ सब खुशियाँ उसकी झोली में,
जिसने माता-पिता को सम्मान दिया।

31 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr .Shweta sood 'Madhu'
View all
You may also like:
भ्रष्ट नेताओं,भ्रष्टाचारी लोगों
भ्रष्ट नेताओं,भ्रष्टाचारी लोगों
Dr. Man Mohan Krishna
बहुत कुछ जान के जाना है तुमको, बहुत कुछ समझ के पहचाना है तुम
बहुत कुछ जान के जाना है तुमको, बहुत कुछ समझ के पहचाना है तुम
पूर्वार्थ
23/166.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/166.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कुपुत्र
कुपुत्र
Sanjay ' शून्य'
मैं तो महज जीवन हूँ
मैं तो महज जीवन हूँ
VINOD CHAUHAN
स्मृतियाँ
स्मृतियाँ
Dr. Upasana Pandey
"एक दीप जलाना चाहूँ"
Ekta chitrangini
ज़िन्दगी
ज़िन्दगी
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
दोस्ती में लोग एक दूसरे की जी जान से मदद करते हैं
दोस्ती में लोग एक दूसरे की जी जान से मदद करते हैं
ruby kumari
ख्वाबों से परहेज़ है मेरा
ख्वाबों से परहेज़ है मेरा "वास्तविकता रूह को सुकून देती है"
Rahul Singh
।। सुविचार ।।
।। सुविचार ।।
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
जो विष को पीना जाने
जो विष को पीना जाने
Pt. Brajesh Kumar Nayak
खुश्क आँखों पे क्यूँ यकीं होता नहीं
खुश्क आँखों पे क्यूँ यकीं होता नहीं
sushil sarna
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"अवसाद"
Dr. Kishan tandon kranti
एक ज्योति प्रेम की...
एक ज्योति प्रेम की...
Sushmita Singh
फ़ितरत
फ़ितरत
Dr.Priya Soni Khare
छप्पन भोग
छप्पन भोग
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
नहीं मैं -गजल
नहीं मैं -गजल
Dr Mukesh 'Aseemit'
भारत की देख शक्ति, दुश्मन भी अब घबराते है।
भारत की देख शक्ति, दुश्मन भी अब घबराते है।
Anil chobisa
I am sun
I am sun
Rajan Sharma
*तुम  हुए ना हमारे*
*तुम हुए ना हमारे*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
"मुश्किल वक़्त और दोस्त"
Lohit Tamta
हाई स्कूल के मेंढक (छोटी कहानी)
हाई स्कूल के मेंढक (छोटी कहानी)
Ravi Prakash
किसी भी देश काल और स्थान पर भूकम्प आने का एक कारण होता है मे
किसी भी देश काल और स्थान पर भूकम्प आने का एक कारण होता है मे
Rj Anand Prajapati
नींबू की चाह
नींबू की चाह
Ram Krishan Rastogi
छल फरेब की बात, कभी भूले मत करना।
छल फरेब की बात, कभी भूले मत करना।
surenderpal vaidya
उपमान (दृृढ़पद ) छंद - 23 मात्रा , ( 13- 10) पदांत चौकल
उपमान (दृृढ़पद ) छंद - 23 मात्रा , ( 13- 10) पदांत चौकल
Subhash Singhai
■
■ "मृतपूजक" वाली छवि से छुटकारा पाएं। जीवित का भी ध्यान रखें
*प्रणय प्रभात*
ये बेपरवाही जंचती है मुझ पर,
ये बेपरवाही जंचती है मुझ पर,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
Loading...