Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 May 2024 · 1 min read

3456🌷 *पूर्णिका* 🌷

3456🌷 पूर्णिका 🌷

दिल से दिल लगाते रहे
22 212 212
दिल से दिल लगाते रहे ।
प्यार सनम बढ़ाते रहे।।
महके जिंदगी का चमन ।
दुनिया हम बनाते रहे।।
रब से कुछ शिकायत नहीं ।
दामन भी सजाते रहे ।।
सोजे वतन अपना जहाँ ।
रोज अलख जगाते रहे।।
बदले सोच खेदू भला।
साथ यहाँ निभाते रहे।।
…….✍ डॉ .खेदू भारती “सत्येश “
15-05-2024 बुधवार

20 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
कहर कुदरत का जारी है
कहर कुदरत का जारी है
Neeraj Mishra " नीर "
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
शब्दों का गुल्लक
शब्दों का गुल्लक
Amit Pathak
धीरज रख ओ मन
धीरज रख ओ मन
Harish Chandra Pande
सोचता हूँ के एक ही ख्वाईश
सोचता हूँ के एक ही ख्वाईश
'अशांत' शेखर
जिंदगी जब जब हमें
जिंदगी जब जब हमें
ruby kumari
दोस्ती देने लगे जब भी फ़रेब..
दोस्ती देने लगे जब भी फ़रेब..
अश्क चिरैयाकोटी
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
ओनिका सेतिया 'अनु '
मणिपुर कौन बचाए..??
मणिपुर कौन बचाए..??
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
हारिये न हिम्मत तब तक....
हारिये न हिम्मत तब तक....
कृष्ण मलिक अम्बाला
शिव शंभू भोला भंडारी !
शिव शंभू भोला भंडारी !
Bodhisatva kastooriya
ज़िंदगी मेरी दर्द की सुनामी बनकर उभरी है
ज़िंदगी मेरी दर्द की सुनामी बनकर उभरी है
Bhupendra Rawat
*
*"ममता"* पार्ट-4
Radhakishan R. Mundhra
मंजिल
मंजिल
Kanchan Khanna
जिसका हम
जिसका हम
Dr fauzia Naseem shad
क्या हुआ जो तूफ़ानों ने कश्ती को तोड़ा है
क्या हुआ जो तूफ़ानों ने कश्ती को तोड़ा है
Anil Mishra Prahari
खेत खलिहनवा पसिनवा चुवाइ के सगिरिउ सिन्वर् लाहराइ ला हो भैया
खेत खलिहनवा पसिनवा चुवाइ के सगिरिउ सिन्वर् लाहराइ ला हो भैया
Rituraj shivem verma
यह धरती भी तो, हमारी एक माता है
यह धरती भी तो, हमारी एक माता है
gurudeenverma198
😊😊😊
😊😊😊
*Author प्रणय प्रभात*
कोमल चितवन
कोमल चितवन
Vishnu Prasad 'panchotiya'
* बिखर रही है चान्दनी *
* बिखर रही है चान्दनी *
surenderpal vaidya
अधूरापन
अधूरापन
Rohit yadav
इंद्रदेव की बेरुखी
इंद्रदेव की बेरुखी
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
माता सिद्धि-प्रदायिनी ,लिए सौम्य मुस्कान
माता सिद्धि-प्रदायिनी ,लिए सौम्य मुस्कान
Ravi Prakash
मैं अपनी आँख का ऐसा कोई एक ख्वाब हो जाऊँ
मैं अपनी आँख का ऐसा कोई एक ख्वाब हो जाऊँ
Shweta Soni
अनजान लड़का
अनजान लड़का
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
3181.*पूर्णिका*
3181.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
खाली मन...... एक सच
खाली मन...... एक सच
Neeraj Agarwal
"बीमारी और इलाज"
Dr. Kishan tandon kranti
जो लिखा नहीं.....लिखने की कोशिश में हूँ...
जो लिखा नहीं.....लिखने की कोशिश में हूँ...
Vishal babu (vishu)
Loading...