Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Mar 2024 · 1 min read

306.*पूर्णिका*

306.*पूर्णिका*
🌷 तिनके का सहारा नहीं मिलता🌷
22 212 212 22
तिनके का सहारा नहीं मिलता।
दरिया का किनारा नहीं मिलता ।।
चमके जिंदगी जिंदगी बनके।
यूं मौका दुबारा नहीं मिलता ।।
मन से चाँदनी रात में देखो।
आँखों का सितारा नहीं मिलता।।
सच में प्यार से प्यार बांटे दिल ।
कुछ ऐसा नजारा नहीं मिलता ।।
महके फूल खिलके यहाँ खेदू।
प्यारा सा दुलारा नहीं मिलता ।।
…….✍ डॉ .खेदू भारती”सत्येश”
02-03-2024शनिवार

50 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
चाह और आह!
चाह और आह!
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
दुनिया देखी रिश्ते देखे, सब हैं मृगतृष्णा जैसे।
दुनिया देखी रिश्ते देखे, सब हैं मृगतृष्णा जैसे।
आर.एस. 'प्रीतम'
ग़ज़ल- तू फितरत ए शैतां से कुछ जुदा तो नहीं है- डॉ तबस्सुम जहां
ग़ज़ल- तू फितरत ए शैतां से कुछ जुदा तो नहीं है- डॉ तबस्सुम जहां
Dr Tabassum Jahan
आसा.....नहीं जीना गमों के साथ अकेले में
आसा.....नहीं जीना गमों के साथ अकेले में
Deepak Baweja
जिंदगी में.....
जिंदगी में.....
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
3199.*पूर्णिका*
3199.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
■आज पता चला■
■आज पता चला■
*Author प्रणय प्रभात*
मन को दीपक की भांति शांत रखो,
मन को दीपक की भांति शांत रखो,
Anamika Tiwari 'annpurna '
"औषधि"
Dr. Kishan tandon kranti
नये वर्ष का आगम-निर्गम
नये वर्ष का आगम-निर्गम
Ramswaroop Dinkar
धरा की प्यास पर कुंडलियां
धरा की प्यास पर कुंडलियां
Ram Krishan Rastogi
नारी जागरूकता
नारी जागरूकता
Kanchan Khanna
जो उसके हृदय को शीतलता दे जाए,
जो उसके हृदय को शीतलता दे जाए,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
मन को जो भी जीत सकेंगे
मन को जो भी जीत सकेंगे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
जिन्दगी
जिन्दगी
Bodhisatva kastooriya
बहुत दोस्त मेरे बन गये हैं
बहुत दोस्त मेरे बन गये हैं
DrLakshman Jha Parimal
चुप
चुप
Dr.Priya Soni Khare
क्या यही संसार होगा...
क्या यही संसार होगा...
डॉ.सीमा अग्रवाल
राष्ट्रीय गणित दिवस
राष्ट्रीय गणित दिवस
Tushar Jagawat
कुछ ख़ुमारी बादलों को भी रही,
कुछ ख़ुमारी बादलों को भी रही,
manjula chauhan
खालीपन
खालीपन
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
क्यों प्यार है तुमसे इतना
क्यों प्यार है तुमसे इतना
gurudeenverma198
जीवात्मा
जीवात्मा
Mahendra singh kiroula
जब सावन का मौसम आता
जब सावन का मौसम आता
लक्ष्मी सिंह
दोहा-विद्यालय
दोहा-विद्यालय
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
एक आज़ाद परिंदा
एक आज़ाद परिंदा
Shekhar Chandra Mitra
गुलदस्ता नहीं
गुलदस्ता नहीं
Mahendra Narayan
करतल पर सबका लिखा ,सब भविष्य या भूत (कुंडलिया)
करतल पर सबका लिखा ,सब भविष्य या भूत (कुंडलिया)
Ravi Prakash
शैलजा छंद
शैलजा छंद
Subhash Singhai
पैसा अगर पास हो तो
पैसा अगर पास हो तो
शेखर सिंह
Loading...