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29 Sep 2021 · 1 min read

बदलता शहर

विकास की राह में संस्कारों को खो रहा है
पैसों के लालच में ईमान को बेच रहा है
कुछ इस तरह मेरा शहर आगे बढ़ रहा है…

गैरों के लिए अपनों से दगा कर रहा है
शोहरत के लिए सपनों को मार रहा है
कुछ इस तरह मेरा शहर आगे बढ़ रहा है….

प्यार की राहों में वह नफरत दे रहा है
दोस्ती के नाम पर फायदा उठा रहा है
कुछ इस तरह मेरा शहर आगे बढ़ रहा है…..

Language: Hindi
2 Likes · 1 Comment · 334 Views
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