Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Dec 2024 · 1 min read

दुखदाई इससे बड़ा, नही दूसरा घाव

दुखदाई इससे बड़ा, नही दूसरा घाव ।
रखा किसी ने आपसे, झूठा अगर लगाव ।।
रमेश शर्मा,

Language: Hindi
1 Like · 45 Views

You may also like these posts

सावन
सावन
Sarla Sarla Singh "Snigdha "
यदि तुमने किसी लड़की से कहीं ज्यादा अपने लक्ष्य से प्यार किय
यदि तुमने किसी लड़की से कहीं ज्यादा अपने लक्ष्य से प्यार किय
Rj Anand Prajapati
बदली गम की छंटती, चली गई धीरे धीरे
बदली गम की छंटती, चली गई धीरे धीरे
अनिल "आदर्श"
विपत्तियों में स्वभाव संस्कार सहायक
विपत्तियों में स्वभाव संस्कार सहायक
Sudhir srivastava
अपनो का गम
अपनो का गम
Kanchan verma
न बोझ बनो
न बोझ बनो
Kaviraag
महाकाव्य 'वीर-गाथा' का प्रथम खंड— 'पृष्ठभूमि'
महाकाव्य 'वीर-गाथा' का प्रथम खंड— 'पृष्ठभूमि'
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
प्रेम - पूजा
प्रेम - पूजा
Er.Navaneet R Shandily
अब मैं
अब मैं
हिमांशु Kulshrestha
जो लिखा है
जो लिखा है
Dr fauzia Naseem shad
रास्तों को भी गुमनाम राहों का पता नहीं था, फिर भी...
रास्तों को भी गुमनाम राहों का पता नहीं था, फिर भी...
manjula chauhan
कर क्षमा सब भूल मैं छूता चरण
कर क्षमा सब भूल मैं छूता चरण
Basant Bhagawan Roy
*सपोर्ट*
*सपोर्ट*
pratibha Dwivedi urf muskan Sagar Madhya Pradesh
राजनीतिक फायदे के लिए, तुम मुकदर्शक हो गये तो अनर्थ हो जाएगा
राजनीतिक फायदे के लिए, तुम मुकदर्शक हो गये तो अनर्थ हो जाएगा
नेताम आर सी
अधूरी मोहब्बत
अधूरी मोहब्बत
Sagar Yadav Zakhmi
दीप प्रज्ज्वलित करते, वे  शुभ दिन है आज।
दीप प्रज्ज्वलित करते, वे शुभ दिन है आज।
Anil chobisa
3340.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3340.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
ख़ूबसूरत लम्हें
ख़ूबसूरत लम्हें
Davina Amar Thakral
समल चित् -समान है/प्रीतिरूपी मालिकी/ हिंद प्रीति-गान बन
समल चित् -समान है/प्रीतिरूपी मालिकी/ हिंद प्रीति-गान बन
Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक
संगठन
संगठन
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
तू अपने आप पे इतना गुरूर मत कर,
तू अपने आप पे इतना गुरूर मत कर,
Dr. Man Mohan Krishna
*कृष्ण की दीवानी*
*कृष्ण की दीवानी*
Shashi kala vyas
برائی سے دامن
برائی سے دامن
अरशद रसूल बदायूंनी
"इशारे" कविता
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
"शुभचिन्तक"
Dr. Kishan tandon kranti
खुद से प्यार कर
खुद से प्यार कर
Deepali Kalra
काव्य का आस्वादन
काव्य का आस्वादन
कवि रमेशराज
शिखर के शीर्ष पर
शिखर के शीर्ष पर
प्रकाश जुयाल 'मुकेश'
जीवन चक्र
जीवन चक्र
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
📚पुस्तक📚
📚पुस्तक📚
Dr. Vaishali Verma
Loading...