May 22, 2016 · 1 min read

जीवन लीला

जीवन – लीला रहे अधूरी सुख – दुख के संयोग बिना ..

प्रीति कहाँ हो पाती पूरी कुछ दिन विरह वियोग बिना..

खट्टे – मीठे सभी स्वाद से सजी गृहस्थी की थाली ..

पार कहाँ लगती है नैया आपस के सहयोग बिना ..

244 Views
You may also like:
काव्य संग्रह से
Rishi Kumar Prabhakar
तेरा पापा... अपने वतन में
Dr. Pratibha Mahi
जाने कैसी कैद
Saraswati Bajpai
मेरे पापा
ओनिका सेतिया 'अनु '
【3】 ¡*¡ दिल टूटा आवाज हुई ना ¡*¡
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
भेड़ चाल में फंसी माँ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
राम ! तुम घट-घट वासी
Saraswati Bajpai
प्रेमिका.. मेरी प्रेयसी....
Sapna K S
सहारा
अरशद रसूल /Arshad Rasool
बाबूजी! आती याद
श्री रमण
💐💐प्रेम की राह पर-21💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
चाँद छोड़ आई थी ...
Princu Thakur "usha"
*हिम्मत मत हारो ( गीत )*
Ravi Prakash
छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने
Ram Krishan Rastogi
अर्धनारीश्वर की अवधारणा...?
मनोज कर्ण
If we could be together again...
Abhineet Mittal
मेरा पेड़
उमेश बैरवा
पानी यौवन मूल
Jatashankar Prajapati
शेर राजा
Buddha Prakash
तेरी याद में
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कुएं का पानी की कहानी | Water In The Well...
harpreet.kaur19171
नारियल
Buddha Prakash
सितम देखते हैं by Vinit Singh Shayar
Vinit Singh
दिले यार ना मिलते हैं।
Taj Mohammad
सत्यमंथन
मनोज कर्ण
हनुमान जी वंदना ।। अंजनी सुत प्रभु, आप तो विशिष्ट...
Kuldeep mishra (KD)
फिजूल।
Taj Mohammad
मेरे दिल का दर्द
Ram Krishan Rastogi
एक वीरांगना का अन्त !
Prabhudayal Raniwal
*कथावाचक श्री राजेंद्र प्रसाद पांडेय 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
Loading...