Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Oct 2023 · 1 min read

उम्मींदें तेरी हमसे

उम्मीदें, तेरी हमसे बिल्कुल फ़िज़ूल हैं ।
ज़िंदगी तेरे मिज़ाज के माकूल हम नहीं ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
5 Likes · 2 Comments · 182 Views
Books from Dr fauzia Naseem shad
View all

You may also like these posts

सुंदरता विचारों व चरित्र में होनी चाहिए,
सुंदरता विचारों व चरित्र में होनी चाहिए,
Ranjeet kumar patre
वार्तालाप
वार्तालाप
Pratibha Pandey
विषय तरंग
विषय तरंग
DR ARUN KUMAR SHASTRI
सन्त गुरु घासीदास
सन्त गुरु घासीदास
Dr. Kishan tandon kranti
“मिट्टी
“मिट्टी"।
Amber Srivastava
मानवता का शत्रु आतंकवाद हैं
मानवता का शत्रु आतंकवाद हैं
Raju Gajbhiye
मानसिक शान्ति के मूल्य पर अगर आप कोई बहुमूल्य चीज भी प्राप्त
मानसिक शान्ति के मूल्य पर अगर आप कोई बहुमूल्य चीज भी प्राप्त
Paras Nath Jha
बाल कविता: मुन्नी की मटकी
बाल कविता: मुन्नी की मटकी
Rajesh Kumar Arjun
जिंदगी में कभी उदास मत होना दोस्त, पतझड़ के बाद बारिश ज़रूर आत
जिंदगी में कभी उदास मत होना दोस्त, पतझड़ के बाद बारिश ज़रूर आत
Pushpraj devhare
*बुढ़ापे के फायदे (हास्य व्यंग्य)*
*बुढ़ापे के फायदे (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
वेलेंटाइन डे शारीरिक संबंध बनाने की एक पूर्व नियोजित तिथि है
वेलेंटाइन डे शारीरिक संबंध बनाने की एक पूर्व नियोजित तिथि है
Rj Anand Prajapati
💐प्रेम कौतुक-563💐
💐प्रेम कौतुक-563💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आसानी से कोई चीज मिल जाएं
आसानी से कोई चीज मिल जाएं
शेखर सिंह
चिंतित अथवा निराश होने से संसार में कोई भी आपत्ति आज तक दूर
चिंतित अथवा निराश होने से संसार में कोई भी आपत्ति आज तक दूर
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
हमारी नई दुनिया
हमारी नई दुनिया
Bindesh kumar jha
-जीना यूं
-जीना यूं
Seema gupta,Alwar
धवल घन !
धवल घन !
Akash Agam
■ रहस्यमयी कविता
■ रहस्यमयी कविता
*प्रणय*
4814.*पूर्णिका*
4814.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
वो ठोकर से गिराना चाहता है
वो ठोकर से गिराना चाहता है
अंसार एटवी
बजाओ धुन बस सुने हम....
बजाओ धुन बस सुने हम....
Neeraj Agarwal
बहुत बुरी होती है यह बेरोजगारी
बहुत बुरी होती है यह बेरोजगारी
gurudeenverma198
वक़्त की फ़ितरत को महफूज़ करें कैसे,
वक़्त की फ़ितरत को महफूज़ करें कैसे,
Dr fauzia Naseem shad
इमारतों में जो रहते हैं
इमारतों में जो रहते हैं
Chitra Bisht
चाँद
चाँद
Atul "Krishn"
मुसीबत
मुसीबत
Shyam Sundar Subramanian
महाकाल
महाकाल
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
सजल
सजल
Rambali Mishra
इश्क की गलियों में
इश्क की गलियों में
Dr. Man Mohan Krishna
ठूँठ (कविता)
ठूँठ (कविता)
Indu Singh
Loading...