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8 Nov 2023 · 1 min read

🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀 *वार्णिक छंद।*

🥀 अज्ञानी की कलम🥀 वार्णिक छंद।
विधान-१९ वार्णीय वार्णिक छंद
२११ २२१ २२१,११२ २२१,१२२ २
भगण,तगण,तगण,सगण,तगण,यगण,
गुरु ९,६,४ पर यति
त्पाग किया पातुं हुंकार,अम्बं जै कौतुक,भद्रकाली।
दास च कृपा जै जैकार,अंब हे जगसाकार,भद्रकाली।
प्रार्थना माँ थोड़ा दो ध्यान,भक्तों कीद्रकार,भद्रकाली।
तू ही है शिवशक्ति मान, दुष्टों दे तू मार,भद्रकाली।

जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
झाँसी उ•प्र•*

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