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24 Feb 2024 · 1 min read

🙏 गुरु चरणों की धूल 🙏

🙏 गुरु चरणों की धूल 🙏
🌼 ग़ज़ल 🌼

ज़ख्म थे पाॅंव में कहारते रहे,
धूल के शूलों से यूं तिलमिलाते रहे।

हमको आबोहवा में सफ़ाई मिली,
बंन्दगी कर ताउम्र मनाते रहे।

खलबली सारे जहां में मचने लगी,
धूल के सागर में नाव चलाते रहे।

रॅंगी हम राही ज्ञान गुण सागर प्रज्ञानी,
कनक झनक बज़्म में दिखाते रहे।।

✍️ जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
झाॅंसी बुन्देलखण्ड

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