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14 Jun 2016 · 1 min read

.? बसंती ओढ़कर चूनर , धरा ससुराल जाती है “

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गगन के संग मगन देखो, बड़ी खुशहाल जाती है ।

विविध रंगों के सुमनों से , सजाये बाल जाती है ।

धरा साड़ी हरित पहने , किये श्रृंगार सोलह सब,

बसंती ओढ़कर चूनर , सजी ससुराल जाती है ।

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वीर पटेल

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Comment · 219 Views
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