Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Feb 2023 · 1 min read

■ उत्सवी सप्ताह….

#ख़ास_दोहा
【No comments on Pic Plz】
■ स्पेशल वीक कल से
“कल है एनीवर्सरी,
दिवस बचेंगे सात।
पचपन के हो जाएंगे,
मिस्टर प्रणय प्रभात।।”
यह भी एक तरीका है अपनी बात कहने का और हर पल का मज़ा लेने का। अपना आभास, अपना उल्लास, अपना प्रयास और अपना विश्वास। बोलो जय राम जी की।।
😊😊😊😊😊😊😊😊😊
【प्रणय प्रभात】

1 Like · 126 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*****नियति*****
*****नियति*****
Kavita Chouhan
प्रथम संवाद में अपने से श्रेष्ठ को कभी मित्र नहीं कहना , हो
प्रथम संवाद में अपने से श्रेष्ठ को कभी मित्र नहीं कहना , हो
DrLakshman Jha Parimal
ନୀରବତାର ବାର୍ତ୍ତା
ନୀରବତାର ବାର୍ତ୍ତା
Bidyadhar Mantry
,,
,,
Sonit Parjapati
परोपकार
परोपकार
Neeraj Agarwal
तूं कैसे नज़र अंदाज़ कर देती हों दिखा कर जाना
तूं कैसे नज़र अंदाज़ कर देती हों दिखा कर जाना
Keshav kishor Kumar
धन्य होता हर व्यक्ति
धन्य होता हर व्यक्ति
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
⚘छंद-भद्रिका वर्णवृत्त⚘
⚘छंद-भद्रिका वर्णवृत्त⚘
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
" धन "
Dr. Kishan tandon kranti
*मंज़िल पथिक और माध्यम*
*मंज़िल पथिक और माध्यम*
Lokesh Singh
*लटें जज़्बात कीं*
*लटें जज़्बात कीं*
Poonam Matia
ये उम्र के निशाँ नहीं दर्द की लकीरें हैं
ये उम्र के निशाँ नहीं दर्द की लकीरें हैं
Atul "Krishn"
मरने के बाद।
मरने के बाद।
Taj Mohammad
बदनाम शराब
बदनाम शराब
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
" खुशी में डूब जाते हैं "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
मैं जी रहा हूँ जिंदगी, ऐ वतन तेरे लिए
मैं जी रहा हूँ जिंदगी, ऐ वतन तेरे लिए
gurudeenverma198
*खुशी मनाती आज अयोध्या, रामलला के आने की (हिंदी गजल)*
*खुशी मनाती आज अयोध्या, रामलला के आने की (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
दिनकर/सूर्य
दिनकर/सूर्य
Vedha Singh
क्यों दिल पे बोझ उठाकर चलते हो
क्यों दिल पे बोझ उठाकर चलते हो
VINOD CHAUHAN
"दावतें" छोड़ चुके हैं,
*प्रणय प्रभात*
आगाह
आगाह
Shyam Sundar Subramanian
बहुत बार
बहुत बार
Shweta Soni
-शेखर सिंह
-शेखर सिंह
शेखर सिंह
छन्द- सम वर्णिक छन्द
छन्द- सम वर्णिक छन्द " कीर्ति "
rekha mohan
विषय--विजयी विश्व तिरंगा
विषय--विजयी विश्व तिरंगा
रेखा कापसे
शायरी 1
शायरी 1
SURYA PRAKASH SHARMA
शीर्षक:इक नज़र का सवाल है।
शीर्षक:इक नज़र का सवाल है।
Lekh Raj Chauhan
'चो' शब्द भी गजब का है, जिसके साथ जुड़ जाता,
'चो' शब्द भी गजब का है, जिसके साथ जुड़ जाता,
SPK Sachin Lodhi
एकांत मन
एकांत मन
TARAN VERMA
कभी - कभी सोचता है दिल कि पूछूँ उसकी माँ से,
कभी - कभी सोचता है दिल कि पूछूँ उसकी माँ से,
Madhuyanka Raj
Loading...