Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Dec 2022 · 1 min read

■ आज का दोहा

#मन्तव्य-
ढोंगी प्रजाति के उन जीवों पर, जो जानते सब हैं किंतु मानने को राज़ी नहीं।

Language: Hindi
1 Like · 366 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आप मुझको
आप मुझको
Dr fauzia Naseem shad
विजयी
विजयी
Raju Gajbhiye
मनभावन बसंत
मनभावन बसंत
Pushpa Tiwari
ऋतुराज
ऋतुराज
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
*पाऍं कैसे ब्रह्म को, आओ करें विचार (कुंडलिया)*
*पाऍं कैसे ब्रह्म को, आओ करें विचार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
जातियों में बँटा हुआ देश
जातियों में बँटा हुआ देश
SURYA PRAKASH SHARMA
हुनर है मुझमें
हुनर है मुझमें
Satish Srijan
2606.पूर्णिका
2606.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
चुनिंदा बाल कविताएँ (बाल कविता संग्रह)
चुनिंदा बाल कविताएँ (बाल कविता संग्रह)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*जब कभी दिल की ज़मीं पे*
*जब कभी दिल की ज़मीं पे*
Poonam Matia
*गलतफहमी*
*गलतफहमी*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
"देखा था एक सपना, जो साकार हो गया ll
पूर्वार्थ
बुंदेली_मुकरियाँ
बुंदेली_मुकरियाँ
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
तुम से सिर्फ इतनी- सी इंतजा है कि -
तुम से सिर्फ इतनी- सी इंतजा है कि -
लक्ष्मी सिंह
मैं पढ़ने कैसे जाऊं
मैं पढ़ने कैसे जाऊं
Anjana banda
कृतघ्न अयोध्यावासी !
कृतघ्न अयोध्यावासी !
ओनिका सेतिया 'अनु '
।।बचपन के दिन ।।
।।बचपन के दिन ।।
Shashi kala vyas
सच तो कुछ नहीं है
सच तो कुछ नहीं है
Neeraj Agarwal
"गुरु दक्षिणा"
Dr. Kishan tandon kranti
सैनिक का सावन
सैनिक का सावन
Dr.Pratibha Prakash
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
चंद अशआर
चंद अशआर
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
मांगने से रोशनी मिलेगी ना कभी
मांगने से रोशनी मिलेगी ना कभी
Slok maurya "umang"
ग़ज़ल/नज़्म - दिल में ये हलचलें और है शोर कैसा
ग़ज़ल/नज़्म - दिल में ये हलचलें और है शोर कैसा
अनिल कुमार
करते सच से सामना, दिल में रखते चोर।
करते सच से सामना, दिल में रखते चोर।
Suryakant Dwivedi
" दम घुटते तरुवर "
Dr Meenu Poonia
" नाराज़गी " ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
■
■ "हेल" में जाएं या "वेल" में। उनकी मर्ज़ी।।
*प्रणय प्रभात*
बदला है
बदला है
इंजी. संजय श्रीवास्तव
"बेरोजगार या दलालों का व्यापार"
Mukta Rashmi
Loading...