Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 May 2024 · 1 min read

ছায়া যুদ্ধ

হ্যালো…
অধ্যাপক রমেশ চন্দ্র, বাংলার কিংবদন্তি কবি এবং আধুনিক সাহিত্যের প্রখর সমালোচক,
এবং আন্তর্জাতিক কবি বিজয়ী রিটা ডি.
এবং প্রফেসর সবিতা চক্রবর্তী, সহযোগিতায়…

ছায়া যুদ্ধ

বাংলায় কবিতার সংকলন প্রকাশ করতে পেরে আমি গর্বিত। এই কবিতা সংকলনটি বের হওয়ার একমাত্র কারণ ছিল বাংলা ভাষার আধুনিক সাহিত্যের প্রতি তীব্র ভালোবাসা।

কবিতা সংকলনটি আপনাদের সামনে তুলে ধরতে পেরে আমি গর্বিত।

36 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सच समाज में प्रवासी है
सच समाज में प्रवासी है
Dr MusafiR BaithA
कहां से कहां आ गए हम....
कहां से कहां आ गए हम....
Srishty Bansal
तेरे जाने के बाद ....
तेरे जाने के बाद ....
ओनिका सेतिया 'अनु '
मातृ भाषा हिन्दी
मातृ भाषा हिन्दी
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
बदले नहीं है आज भी लड़के
बदले नहीं है आज भी लड़के
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
दीपावली
दीपावली
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
**विकास**
**विकास**
Awadhesh Kumar Singh
ज्योतिर्मय
ज्योतिर्मय
Pratibha Pandey
अर्पण है...
अर्पण है...
इंजी. संजय श्रीवास्तव
मौलिक विचार
मौलिक विचार
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
आप आजाद हैं? कहीं आप जानवर तो नहीं हो गए, थोड़े पालतू थोड़े
आप आजाद हैं? कहीं आप जानवर तो नहीं हो गए, थोड़े पालतू थोड़े
Sanjay ' शून्य'
साइस और संस्कृति
साइस और संस्कृति
Bodhisatva kastooriya
🥀✍ *अज्ञानी की*🥀
🥀✍ *अज्ञानी की*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
*यौगिक क्रिया सा ये कवि दल*
*यौगिक क्रिया सा ये कवि दल*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
यादें
यादें
Tarkeshwari 'sudhi'
माता रानी का भजन अरविंद भारद्वाज
माता रानी का भजन अरविंद भारद्वाज
अरविंद भारद्वाज
व्यथित ह्रदय
व्यथित ह्रदय
कवि अनिल कुमार पँचोली
सब वर्ताव पर निर्भर है
सब वर्ताव पर निर्भर है
Mahender Singh
सुनो पहाड़ की...!!! (भाग - ९)
सुनो पहाड़ की...!!! (भाग - ९)
Kanchan Khanna
44...Ramal musamman maKHbuun mahzuuf maqtuu.a
44...Ramal musamman maKHbuun mahzuuf maqtuu.a
sushil yadav
■ जिजीविषा : जीवन की दिशा।
■ जिजीविषा : जीवन की दिशा।
*प्रणय प्रभात*
2601.पूर्णिका
2601.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*लक्ष्मी प्रसाद जैन 'शाद' एडवोकेट और उनकी सेवाऍं*
*लक्ष्मी प्रसाद जैन 'शाद' एडवोकेट और उनकी सेवाऍं*
Ravi Prakash
चंचल मन चित-चोर है , विचलित मन चंडाल।
चंचल मन चित-चोर है , विचलित मन चंडाल।
Manoj Mahato
**जिंदगी की टूटी लड़ी है**
**जिंदगी की टूटी लड़ी है**
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
12- अब घर आ जा लल्ला
12- अब घर आ जा लल्ला
Ajay Kumar Vimal
आखिर कब तक ?
आखिर कब तक ?
Dr fauzia Naseem shad
मुफ्त राशन के नाम पर गरीबी छिपा रहे
मुफ्त राशन के नाम पर गरीबी छिपा रहे
VINOD CHAUHAN
वक्त मिलता नही,निकलना पड़ता है,वक्त देने के लिए।
वक्त मिलता नही,निकलना पड़ता है,वक्त देने के लिए।
पूर्वार्थ
"वो जमाना"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...