Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Feb 2024 · 1 min read

কি?

কি?

—– ওটেরি সেলভা কুমার

রং সম্পর্কে কি
আপনার সাথে মজা করুন
হোলি খুশি রান্না করছে
আর একটা কথাও না
হাসতে হাসতে
রঙিন মজা হয়
হালকা বিস্ময়কর
জীবন একটি বিশ্বস্ত
সম্পর্কে হালকা পূর্ণ
এখানে স্বপ্ন হয়
শুধুমাত্র রঙ পূর্ণ জীবন
জীবন শুধুমাত্র সম্পর্কে
স্বপ্ন কিছু ঝুলন্ত
স্বপ্ন খাওয়া হয়
জীবন সময় তাই কিছু
শীতল সঙ্গে রং
গরম সঙ্গে?

88 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
शेयर
शेयर
rekha mohan
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
कुछ मन की कोई बात लिख दूँ...!
कुछ मन की कोई बात लिख दूँ...!
Aarti sirsat
फटा जूता
फटा जूता
Akib Javed
ममता का सागर
ममता का सागर
भरत कुमार सोलंकी
पतझड़ और हम जीवन होता हैं।
पतझड़ और हम जीवन होता हैं।
Neeraj Agarwal
कितने आसान थे सम्झने में
कितने आसान थे सम्झने में
Dr fauzia Naseem shad
महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी
महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी
Seema gupta,Alwar
कुंडलिया
कुंडलिया
sushil sarna
हे नाथ आपकी परम कृपा से, उत्तम योनि पाई है।
हे नाथ आपकी परम कृपा से, उत्तम योनि पाई है।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
देर हो जाती है अकसर
देर हो जाती है अकसर
Surinder blackpen
खुशी(👇)
खुशी(👇)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
मोहता है सबका मन
मोहता है सबका मन
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
लिखे क्या हुजूर, तारीफ में हम
लिखे क्या हुजूर, तारीफ में हम
gurudeenverma198
मकड़जाल से धर्म के,
मकड़जाल से धर्म के,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
आस्था और चुनौती
आस्था और चुनौती
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
*जीवन में तुकबंदी का महत्व (हास्य व्यंग्य)*
*जीवन में तुकबंदी का महत्व (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
3430⚘ *पूर्णिका* ⚘
3430⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
आकांक्षा तारे टिमटिमाते ( उल्का )
आकांक्षा तारे टिमटिमाते ( उल्का )
goutam shaw
पानी  के छींटें में भी  दम बहुत है
पानी के छींटें में भी दम बहुत है
Paras Nath Jha
मेरी दुनिया उजाड़ कर मुझसे वो दूर जाने लगा
मेरी दुनिया उजाड़ कर मुझसे वो दूर जाने लगा
कृष्णकांत गुर्जर
In the rainy season, get yourself drenched
In the rainy season, get yourself drenched
Dhriti Mishra
आवारा परिंदा
आवारा परिंदा
साहित्य गौरव
1-	“जब सांझ ढले तुम आती हो “
1- “जब सांझ ढले तुम आती हो “
Dilip Kumar
Anxiety fucking sucks.
Anxiety fucking sucks.
पूर्वार्थ
जब मरहम हीं ज़ख्मों की सजा दे जाए, मुस्कराहट आंसुओं की सदा दे जाए।
जब मरहम हीं ज़ख्मों की सजा दे जाए, मुस्कराहट आंसुओं की सदा दे जाए।
Manisha Manjari
नीर
नीर
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
"करिए ऐसे वार"
Dr. Kishan tandon kranti
■ फूट गए मुंह सारों के। किनारा कर रहे हैं नपुंसक। निंदा का स
■ फूट गए मुंह सारों के। किनारा कर रहे हैं नपुंसक। निंदा का स
*Author प्रणय प्रभात*
शिव सबके आराध्य हैं, रावण हो या राम।
शिव सबके आराध्य हैं, रावण हो या राम।
Sanjay ' शून्य'
Loading...