Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Feb 2023 · 1 min read

हार हूँ

अद्भुत अनभूति हूँ,
अनकही सी प्रीति हूँ।
ईश्वर का उपहार हूँ,
कुछ नहीं बस हार हूँ।

बिना कीमत के बिका हूँ,
लंबे धागे में टिका हूँ।
पुहुप का एक राशी हूँ,
हरता उदासी हूँ ।

प्रियसी की काली लम्बी
बेनी का श्रृंगार हूँ,
कुछ नहीं बस हार हूँ।

सरल नहीं वक्र हूँ,
बना पुष्पचक्र हूँ।
किसी महा पुरुष के,
शव पर अर्पित फक्र हूँ।

अर्थी के चादर के ऊपर,
सुमन की फुहार हूँ,
कुछ नहीं बस हार हूँ।

फूलों की माला हूँ,
देवों पर डाला हूँ।
श्रद्धा का प्रतीक बन,
भक्ति का हवाला हूँ।

साधना आराधना में,
ईश्वर का मनुहार हूँ।
कुछ नहीं बस हार हूँ।

वीरों से प्रीत हूँ,
जिसके बिना रीत हूँ।
योद्धा के गमन पथ का,
हार बन कर जीत हूँ।

मातृभूमि पर मर मिटे जो,
उन पर चढ़ साकार हूँ।
कुछ नहीं बस हार हूँ।

-सतीश सृजन

Language: Hindi
251 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Satish Srijan
View all
You may also like:
पूर्व दिशा से सूरज रोज निकलते हो
पूर्व दिशा से सूरज रोज निकलते हो
Dr Archana Gupta
मुक्तक
मुक्तक
sushil sarna
वो बचपन का गुजरा जमाना भी क्या जमाना था,
वो बचपन का गुजरा जमाना भी क्या जमाना था,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
एक इस आदत से, बदनाम यहाँ हम हो गए
एक इस आदत से, बदनाम यहाँ हम हो गए
gurudeenverma198
लो फिर गर्मी लौट आई है
लो फिर गर्मी लौट आई है
VINOD CHAUHAN
पैसा ना जाए साथ तेरे
पैसा ना जाए साथ तेरे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
किसी के अंतर्मन की वो आग बुझाने निकला है
किसी के अंतर्मन की वो आग बुझाने निकला है
कवि दीपक बवेजा
*माॅं की चाहत*
*माॅं की चाहत*
Harminder Kaur
कुछ दिन से हम दोनों मे क्यों? रहती अनबन जैसी है।
कुछ दिन से हम दोनों मे क्यों? रहती अनबन जैसी है।
अभिनव अदम्य
दोहा छंद विधान
दोहा छंद विधान
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
अखंड भारत कब तक?
अखंड भारत कब तक?
जय लगन कुमार हैप्पी
Agar tum Ladka hoti to Khush Rah paati kya?....
Agar tum Ladka hoti to Khush Rah paati kya?....
HEBA
लोगों को ये चाहे उजाला लगता है
लोगों को ये चाहे उजाला लगता है
Shweta Soni
व्याकरण पढ़े,
व्याकरण पढ़े,
Dr. Vaishali Verma
*How to handle Life*
*How to handle Life*
Poonam Matia
सोई गहरी नींदों में
सोई गहरी नींदों में
Anju ( Ojhal )
तप त्याग समर्पण भाव रखों
तप त्याग समर्पण भाव रखों
Er.Navaneet R Shandily
" दीया सलाई की शमा"
Pushpraj Anant
वार
वार
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
झरोखों से झांकती ज़िंदगी
झरोखों से झांकती ज़िंदगी
Rachana
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
6) “जय श्री राम”
6) “जय श्री राम”
Sapna Arora
23/90.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/90.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
नारी को सदा राखिए संग
नारी को सदा राखिए संग
Ram Krishan Rastogi
वोट की खातिर पखारें कदम
वोट की खातिर पखारें कदम
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
" जुबां "
Dr. Kishan tandon kranti
🙅पक्की गारंटी🙅
🙅पक्की गारंटी🙅
*प्रणय प्रभात*
इश्क़ का क्या हिसाब होता है
इश्क़ का क्या हिसाब होता है
Manoj Mahato
ग़ज़ल _अरमान ये मेरा है , खिदमत में बढ़ा जाये!
ग़ज़ल _अरमान ये मेरा है , खिदमत में बढ़ा जाये!
Neelofar Khan
ज़िंदगी मायने बदल देगी
ज़िंदगी मायने बदल देगी
Dr fauzia Naseem shad
Loading...