Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Jul 2016 · 1 min read

हाइकु :– ज़मीर बेचा !!

हाइकु :– ज़मीर बेचा !!

ज़मीर बेचा ,
था दौलत का अंधा !
मरा या जिंदा !1!

नव बिहान !
भोजन की तड़प ,
पंछी चहके !2!

गिन-गिन के ,
वो सितारे खा गया !
सुबह हुई !3!

मौत से प्यारी !
ये दौलत की भूख !
मीठी गराल !4!

Language: Hindi
Tag: हाइकु
471 Views
You may also like:
माता पिता
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
If We Are Out Of Any Connecting Language.
Manisha Manjari
जज बना बे,
Dr.sima
दुश्मन बना देता है।
Taj Mohammad
नजर
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
श्री राम के आदर्श
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
क्या यही शिक्षामित्रों की है वो ख़ता
आकाश महेशपुरी
समय का विशिष्ट कवि
Shekhar Chandra Mitra
✍️मेरा प्रिय भारत सबसे न्यारा✍️
'अशांत' शेखर
रावण कौन!
Deepak Kohli
वनवासी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
बाल एवं हास्य कविता: मुर्गा टीवी लाया है।
Rajesh Kumar Arjun
"मायका और ससुराल"
Dr Meenu Poonia
Tumhara Saath chaiye ? Zindagi Bhar
Chaurasia Kundan
योग करो।
विजय कुमार 'विजय'
चाहत
Lohit Tamta
युद्ध सिर्फ प्रश्न खड़ा करता है [भाग२]
Anamika Singh
हिकायत से लिखी अब तख्तियां अच्छी नहीं लगती
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
सुबह
AMRESH KUMAR VERMA
चढ़ता पारा
जगदीश शर्मा सहज
स्वच्छ भारत (लघुकथा)
Ravi Prakash
Writing Challenge- सम्मान (Respect)
Sahityapedia
लोग कहते हैं कि कवि
gurudeenverma198
क्या लगा आपको आप छोड़कर जाओगे,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
*"वो भी क्या दीवाली थी"*
Shashi kala vyas
हालात
Surabhi bharati
#Daily writing challenge , सम्मान ___
Manu Vashistha
मेरे गाँव का अश्वमेध!
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
मोरे मन-मंदिर....।
Kanchan Khanna
दर्द पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
Loading...