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Aug 10, 2016 · 1 min read

हसरतें

हसरतें दिल में लिए न खामोश रहो तुम
कह भी दो अधरों से न रहो खुद में गुम
मौसम तो यूंही पल-पल बदलते रहेंगे मगर
न फिर आएंगे बीते पल बस यह सोचो तुम!!!

कामनी गुप्ता***

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