Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Aug 2016 · 1 min read

हसरतें

हसरतें दिल में लिए न खामोश रहो तुम
कह भी दो अधरों से न रहो खुद में गुम
मौसम तो यूंही पल-पल बदलते रहेंगे मगर
न फिर आएंगे बीते पल बस यह सोचो तुम!!!

कामनी गुप्ता***

Language: Hindi
317 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
साजन तुम आ जाना...
साजन तुम आ जाना...
डॉ.सीमा अग्रवाल
मुस्कुरायें तो
मुस्कुरायें तो
sushil sarna
వీరుల స్వాత్యంత్ర అమృత మహోత్సవం
వీరుల స్వాత్యంత్ర అమృత మహోత్సవం
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
Dr arun kumar शास्त्री
Dr arun kumar शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
फ़ना से मिल गये वीरानियों से मिल गये हैं
फ़ना से मिल गये वीरानियों से मिल गये हैं
Rituraj shivem verma
तुमसे मैं प्यार करता हूँ
तुमसे मैं प्यार करता हूँ
gurudeenverma198
झूठ का अंत
झूठ का अंत
Shyam Sundar Subramanian
*जो भी अच्छे काम करेगा, कलियुग में पछताएगा (हिंदी गजल)*
*जो भी अच्छे काम करेगा, कलियुग में पछताएगा (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
चक्रव्यूह की राजनीति
चक्रव्यूह की राजनीति
Dr Parveen Thakur
سب کو عید مبارک ہو،
سب کو عید مبارک ہو،
DrLakshman Jha Parimal
यूं मेरी आँख लग जाती है,
यूं मेरी आँख लग जाती है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Rekha Drolia
तुम्हारी आँखें...।
तुम्हारी आँखें...।
Awadhesh Kumar Singh
जीवन में कोई भी फैसला लें
जीवन में कोई भी फैसला लें
Dr fauzia Naseem shad
Live in Present
Live in Present
Satbir Singh Sidhu
अश्रु
अश्रु
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
बाट का बटोही कर्मपथ का राही🦶🛤️🏜️
बाट का बटोही कर्मपथ का राही🦶🛤️🏜️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
बॉलीवुड का क्रैज़ी कमबैक रहा है यह साल - आलेख
बॉलीवुड का क्रैज़ी कमबैक रहा है यह साल - आलेख
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
तेरी इबादत करूँ, कि शिकायत करूँ
तेरी इबादत करूँ, कि शिकायत करूँ
VINOD CHAUHAN
2388.पूर्णिका
2388.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
!...............!
!...............!
शेखर सिंह
हमारी काबिलियत को वो तय करते हैं,
हमारी काबिलियत को वो तय करते हैं,
Dr. Man Mohan Krishna
मां की याद
मां की याद
Neeraj Agarwal
मेरी साँसों में उतर कर सनम तुम से हम तक आओ।
मेरी साँसों में उतर कर सनम तुम से हम तक आओ।
Neelam Sharma
"बेमानी"
Dr. Kishan tandon kranti
पागलपन
पागलपन
भरत कुमार सोलंकी
आज अचानक आये थे
आज अचानक आये थे
Jitendra kumar
संन्यास के दो पक्ष हैं
संन्यास के दो पक्ष हैं
हिमांशु Kulshrestha
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Dheerja Sharma
सपनों को दिल में लिए,
सपनों को दिल में लिए,
Yogendra Chaturwedi
Loading...