Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Feb 2017 · 1 min read

स्थानीय भाषा में लोकगीत

चला चली पानी भरी आई…
मटकिया अप ने उठाई l

ई मटकी मां जान मेरी अटकी….
जाने कब फूटी जाई l…. चला चली …..

पनघट पर छेड़ नंद का लाला ….
बैठ कदम की डारी l …. चला चली..

ग्वालों की नियति यहां अटकी . ..
लुटी जाए ना जीवन की कमाई l…. चला चली ..

जो जल से भरी जाइ ए मटकी ……
भवसागर तरी जई l….. चला चली…..

जमुना में डूबत चटक गई मटकी ……
मोरी गागर सागर में समाई l…… चला चली..

संजय सिंह “सलील ”
प्रतापगढ़,उत्तर प्रदेश I

Language: Hindi
Tag: गीत
5715 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
प्रेम पर शब्दाडंबर लेखकों का / MUSAFIR BAITHA
प्रेम पर शब्दाडंबर लेखकों का / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
कहीं फूलों की बारिश है कहीं पत्थर बरसते हैं
कहीं फूलों की बारिश है कहीं पत्थर बरसते हैं
Phool gufran
कितनी खास हो तुम
कितनी खास हो तुम
आकांक्षा राय
If life is a dice,
If life is a dice,
DrChandan Medatwal
याद में
याद में
sushil sarna
निरन्तरता ही जीवन है चलते रहिए
निरन्तरता ही जीवन है चलते रहिए
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
जिंदगी कि सच्चाई
जिंदगी कि सच्चाई
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
तू है तो फिर क्या कमी है
तू है तो फिर क्या कमी है
Surinder blackpen
परिवर्तन
परिवर्तन
विनोद सिल्ला
हवाओं पर कोई कहानी लिखूं,
हवाओं पर कोई कहानी लिखूं,
AJAY AMITABH SUMAN
** लिख रहे हो कथा **
** लिख रहे हो कथा **
surenderpal vaidya
सच्चाई ~
सच्चाई ~
दिनेश एल० "जैहिंद"
कुछ नही मिलता आसानी से,
कुछ नही मिलता आसानी से,
manjula chauhan
नवल प्रभात में धवल जीत का उज्ज्वल दीप वो जला गया।
नवल प्रभात में धवल जीत का उज्ज्वल दीप वो जला गया।
Neelam Sharma
गुब्बारे की तरह नहीं, फूल की तरह फूलना।
गुब्बारे की तरह नहीं, फूल की तरह फूलना।
निशांत 'शीलराज'
"जिन्दगी"
Dr. Kishan tandon kranti
मणिपुर कौन बचाए..??
मणिपुर कौन बचाए..??
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
Two scarred souls and the seashore, was it a glorious beginning?
Two scarred souls and the seashore, was it a glorious beginning?
Manisha Manjari
शक्कर में ही घोलिए,
शक्कर में ही घोलिए,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*रामलला त्रेता में जन्में, पूर्ण ब्रह्म अवतार हैं (हिंदी गजल
*रामलला त्रेता में जन्में, पूर्ण ब्रह्म अवतार हैं (हिंदी गजल
Ravi Prakash
परिसर खेल का हो या दिल का,
परिसर खेल का हो या दिल का,
पूर्वार्थ
टॉम एंड जेरी
टॉम एंड जेरी
Vedha Singh
#सृजनएजुकेशनट्रस्ट
#सृजनएजुकेशनट्रस्ट
Rashmi Ranjan
■ जय नागलोक
■ जय नागलोक
*Author प्रणय प्रभात*
चार यार
चार यार
Bodhisatva kastooriya
प्रभु के प्रति रहें कृतज्ञ
प्रभु के प्रति रहें कृतज्ञ
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
क्यों कहते हो प्रवाह नहीं है
क्यों कहते हो प्रवाह नहीं है
Suryakant Dwivedi
हरी भरी थी जो शाखें दरख्त की
हरी भरी थी जो शाखें दरख्त की
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
जीवन में संघर्ष सक्त है।
जीवन में संघर्ष सक्त है।
Omee Bhargava
भरोसा
भरोसा
Paras Nath Jha
Loading...