Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Dec 2023 · 1 min read

सृष्टि की अभिदृष्टि कैसी?

सृष्टि की अभिदृष्टि कैसी?

मैं तो भव में पड़ा हुआ ,भव सागर वन में जलता हूँ,
ये बिना आमंत्रण स्वर कैसा ,अंतर में सुनता रहता हूँ?
जग हीं शेष है बचा हुआ.चित्त के अंदर बाहर भी,
ना कोई है सत्य प्रकाशन ,कोई तथ्य उजागर भी।
मेरे जीवन में जो कुछ भी,अबतक देखा करता था,
अनुभव वो हीं चले निरंतर,जो सीखा जग कहता था।
बात हुई कुछ नई नई पर ,ये क्या किसने है बोला ?
अदृष्टित दृष्टि में कोई ,प्रश्न वोही किसने खोला?
मेरे हीं मन की है सारी,बाते कैसे जान रहा?
ढूंढ ढूंढ के प्रश्न निरंतर,लाता जो अनजान रहा?
सृष्टि की अभिदृष्टि कैसी,सृष्टि का अवसारण कैसा?
ये प्रश्न रहा क्यों है ऐसा,अदृष्टित का सांसरण कैसा?

अजय अमिताभ सुमन

193 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तूफानों से लड़ना सीखो
तूफानों से लड़ना सीखो
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
आज कल कुछ लोग काम निकलते ही
आज कल कुछ लोग काम निकलते ही
शेखर सिंह
अज्ञानी की कलम
अज्ञानी की कलम
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
"झूठ और सच" हिन्दी ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
खुद को संवार लूँ.... के खुद को अच्छा लगूँ
खुद को संवार लूँ.... के खुद को अच्छा लगूँ
सिद्धार्थ गोरखपुरी
लड़कियों को विजेता इसलिए घोषित कर देना क्योंकि वह बहुत खूबसू
लड़कियों को विजेता इसलिए घोषित कर देना क्योंकि वह बहुत खूबसू
Rj Anand Prajapati
चलो जिंदगी का कारवां ले चलें
चलो जिंदगी का कारवां ले चलें
VINOD CHAUHAN
सफ़ारी सूट
सफ़ारी सूट
Dr. Pradeep Kumar Sharma
जीवन
जीवन
लक्ष्मी सिंह
भ्रात प्रेम का रूप है,
भ्रात प्रेम का रूप है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
* दिल बहुत उदास है *
* दिल बहुत उदास है *
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
प्रभु हैं खेवैया
प्रभु हैं खेवैया
Dr. Upasana Pandey
चलो दूर चले
चलो दूर चले
Satish Srijan
Blood relationships sometimes change
Blood relationships sometimes change
pratibha5khatik
बेरोज़गारी का प्रच्छन्न दैत्य
बेरोज़गारी का प्रच्छन्न दैत्य
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"चाणक्य"
*Author प्रणय प्रभात*
औरत
औरत
Shweta Soni
"" *हे अनंत रूप श्रीकृष्ण* ""
सुनीलानंद महंत
किसी का यकीन
किसी का यकीन
Dr fauzia Naseem shad
आदतें
आदतें
Sanjay ' शून्य'
मेरी गुड़िया
मेरी गुड़िया
Kanchan Khanna
*संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ/ दैनिक रिपोर्ट*
*संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ/ दैनिक रिपोर्ट*
Ravi Prakash
There is no shortcut through the forest of life if there is
There is no shortcut through the forest of life if there is
सतीश पाण्डेय
अगर कभी मिलना मुझसे
अगर कभी मिलना मुझसे
Akash Agam
अंबेडकरवादी विचारधारा की संवाहक हैं श्याम निर्मोही जी की कविताएं - रेत पर कश्तियां (काव्य संग्रह)
अंबेडकरवादी विचारधारा की संवाहक हैं श्याम निर्मोही जी की कविताएं - रेत पर कश्तियां (काव्य संग्रह)
आर एस आघात
सच और झूँठ
सच और झूँठ
विजय कुमार अग्रवाल
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"आखिर में"
Dr. Kishan tandon kranti
इन तन्हाइयो में तुम्हारी याद आयेगी
इन तन्हाइयो में तुम्हारी याद आयेगी
Ram Krishan Rastogi
कहना नहीं तुम यह बात कल
कहना नहीं तुम यह बात कल
gurudeenverma198
Loading...