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Jul 15, 2016 · 1 min read

सुर ! इक साज का मोह ………..

मै तेरी मौहब्बत के ख़याल से किनारा तो कर लू
मगर तेरी हर अदा की शरारत छेड़ती है मुझे ।।
सागर सैनी
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