Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Jul 2023 · 1 min read

सियासत में

सियासत में झूठ का
होता है परचम बुलंद
ऐसे में जन हित छोड़
नेता सब हुए स्वच्छंद
जब तक जन जन में
चेतना की रहेगी कमी
तब तक भ्रष्टाचारियों
की मुट्ठियां रहेंगी तनीं
हे ईश्वर मेरे देश के लोगों
को देना इतना सामर्थ्य
निज कल्याण की खातिर
करें नेताओं से तर्क वितर्क

Language: Hindi
124 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
चलना, लड़खड़ाना, गिरना, सम्हलना सब सफर के आयाम है।
चलना, लड़खड़ाना, गिरना, सम्हलना सब सफर के आयाम है।
Sanjay ' शून्य'
दगा बाज़ आसूं
दगा बाज़ आसूं
Surya Barman
नारी शक्ति वंदन
नारी शक्ति वंदन
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
जिंदगी ना जाने कितने
जिंदगी ना जाने कितने
Ragini Kumari
असफलता का जश्न
असफलता का जश्न
Dr. Kishan tandon kranti
......तु कोन है मेरे लिए....
......तु कोन है मेरे लिए....
Naushaba Suriya
चलो क्षण भर भुला जग को, हरी इस घास में बैठें।
चलो क्षण भर भुला जग को, हरी इस घास में बैठें।
डॉ.सीमा अग्रवाल
मुझसे बेज़ार ना करो खुद को
मुझसे बेज़ार ना करो खुद को
Shweta Soni
गाओ शुभ मंगल गीत
गाओ शुभ मंगल गीत
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"कुछ तो गुना गुना रही हो"
Lohit Tamta
ग़ज़ल /
ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
*खुशियों की सौगात*
*खुशियों की सौगात*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जय श्री कृष्ण
जय श्री कृष्ण
Bodhisatva kastooriya
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
रुख़्सत
रुख़्सत
Shyam Sundar Subramanian
****मतदान करो****
****मतदान करो****
Kavita Chouhan
गैंगवार में हो गया, टिल्लू जी का खेल
गैंगवार में हो गया, टिल्लू जी का खेल
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
नवरात्रि के इस पावन मौके पर, मां दुर्गा के आगमन का खुशियों स
नवरात्रि के इस पावन मौके पर, मां दुर्गा के आगमन का खुशियों स
Sahil Ahmad
बोलो_क्या_तुम_बोल_रहे_हो?
बोलो_क्या_तुम_बोल_रहे_हो?
संजीव शुक्ल 'सचिन'
पलटे नहीं थे हमने
पलटे नहीं थे हमने
Dr fauzia Naseem shad
अरब खरब धन जोड़िये
अरब खरब धन जोड़िये
शेखर सिंह
3088.*पूर्णिका*
3088.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कभी भूल से भी तुम आ जाओ
कभी भूल से भी तुम आ जाओ
Chunnu Lal Gupta
#सन्डे_इज_फण्डे
#सन्डे_इज_फण्डे
*Author प्रणय प्रभात*
फितरत को पहचान कर भी
फितरत को पहचान कर भी
Seema gupta,Alwar
*नहीं चाहता जन्म मरण का, फिर इस जग में फेरा 【भक्ति-गीत】*
*नहीं चाहता जन्म मरण का, फिर इस जग में फेरा 【भक्ति-गीत】*
Ravi Prakash
ऐसे हैं हम तो, और सच भी यही है
ऐसे हैं हम तो, और सच भी यही है
gurudeenverma198
जिंदगी एक भंवर है
जिंदगी एक भंवर है
Harminder Kaur
“आखिर मैं उदास क्यूँ हूँ?
“आखिर मैं उदास क्यूँ हूँ?
DrLakshman Jha Parimal
सारी तल्ख़ियां गर हम ही से हों तो, बात  ही क्या है,
सारी तल्ख़ियां गर हम ही से हों तो, बात ही क्या है,
Shreedhar
Loading...