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28 Jul 2023 · 1 min read

सिद्धत थी कि ,

सिद्धत थी कि ,
हर पन्ने पर अपना हर सफ़र लिख देंगे ,
सफ़र अधुरा और आदाश ही सिर्फ पुरी है ।
कभी हालात तो कभी वक्त ने साथ नहीं दिया ,
आज समझ में आया ऐ खुदा !
तेरे किताब में मेरी जिंदगी की कहानी ही अधुरी है ।

– ज्योति

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