Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jul 2016 · 1 min read

श्रम की सार्थकता

कुंडलिनी
कण कण मधु संचित किया, लेकर सतत पराग।
मधुमक्खी का श्रम हुआ, औरों का ही भाग ।
औरों का ही भाग, समर्पित कर निज क्षण क्षण।
भरता जीवन स्वाद, श्रमिक का अर्जित कण कण।
अंकित शर्मा’इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

Language: Hindi
336 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
View all
You may also like:
दुकान में रहकर सीखा
दुकान में रहकर सीखा
Ms.Ankit Halke jha
महामारी एक प्रकोप
महामारी एक प्रकोप
Sueta Dutt Chaudhary Fiji
क्या सोचूं मैं तेरे बारे में
क्या सोचूं मैं तेरे बारे में
gurudeenverma198
" हैं पलाश इठलाये "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
इंसान बनने के लिए
इंसान बनने के लिए
Mamta Singh Devaa
‘ चन्द्रशेखर आज़ाद ‘ अन्त तक आज़ाद रहे
‘ चन्द्रशेखर आज़ाद ‘ अन्त तक आज़ाद रहे
कवि रमेशराज
मेरी धुन में, तेरी याद,
मेरी धुन में, तेरी याद,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
वसंत पंचमी
वसंत पंचमी
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
The World on a Crossroad: Analysing the Pros and Cons of a Potential Superpower Conflict
The World on a Crossroad: Analysing the Pros and Cons of a Potential Superpower Conflict
Shyam Sundar Subramanian
हिन्दी
हिन्दी
manjula chauhan
💐प्रेम कौतुक-405💐
💐प्रेम कौतुक-405💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
*प्रभु का संग परम सुखदाई (चौपाइयॉं)*
*प्रभु का संग परम सुखदाई (चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
रूठना
रूठना
Shiva Awasthi
मूर्दों की बस्ती
मूर्दों की बस्ती
Shekhar Chandra Mitra
"वाकया"
Dr. Kishan tandon kranti
बेटी
बेटी
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
गुरु बिन गति मिलती नहीं
गुरु बिन गति मिलती नहीं
अभिनव अदम्य
23/170.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/170.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कदीमी याद
कदीमी याद
Sangeeta Beniwal
भरोसा सब पर कीजिए
भरोसा सब पर कीजिए
Ranjeet kumar patre
नफरतों के शहर में प्रीत लुटाते रहना।
नफरतों के शहर में प्रीत लुटाते रहना।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
■ कटाक्ष / सेल्फी
■ कटाक्ष / सेल्फी
*Author प्रणय प्रभात*
मै भटकता ही रहा दश्त ए शनासाई में
मै भटकता ही रहा दश्त ए शनासाई में
Anis Shah
दोहा त्रयी. . . . शीत
दोहा त्रयी. . . . शीत
sushil sarna
ऐलान कर दिया....
ऐलान कर दिया....
डॉ.सीमा अग्रवाल
दोस्ती और कर्ण
दोस्ती और कर्ण
मनोज कर्ण
दोस्ती से हमसफ़र
दोस्ती से हमसफ़र
Seema gupta,Alwar
भगवत गीता जयंती
भगवत गीता जयंती
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
इतना तन्हा हमें किया खुद ने
इतना तन्हा हमें किया खुद ने
Dr fauzia Naseem shad
★ दिल्लगी★
★ दिल्लगी★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
Loading...