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12 Apr 2018 · 1 min read

शेष बचे यदि गाँव

कहाँ बचेंगे पेड़ फिर, कहाँ मिलेगी छाँव !
ढले शहर के रंग में, शेष बचे यदि गाँव !!

मिलें जहाँ हर मोड़ पर, खड़े दुशासन आज !
कौन द्रोपदी की वहां, …..बचा सकेगा लाज !!
रमेश शर्मा

Language: Hindi
1 Like · 217 Views
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