Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Mar 2023 · 1 min read

शायरी

किया तूने प्यार क्यों ये मत पूछो
बयान करने में ,उम्र गुजर जाएगी
अच्छे लगते है वो, साथ रहने पर
बताने पर सारी उम्र कम पड़ जायेगी।।

गौतम साव

Language: Hindi
2 Likes · 199 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from goutam shaw
View all
You may also like:
दीदार
दीदार
krishna waghmare , कवि,लेखक,पेंटर
Patience and determination, like a rock, is the key to their hearts' lock.
Patience and determination, like a rock, is the key to their hearts' lock.
Manisha Manjari
सियासी खेल
सियासी खेल
AmanTv Editor In Chief
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
ख़ुद की खोज
ख़ुद की खोज
Surinder blackpen
#हंड्रेड_परसेंट_गारंटी
#हंड्रेड_परसेंट_गारंटी
*प्रणय प्रभात*
शादी
शादी
Adha Deshwal
घर के किसी कोने में
घर के किसी कोने में
आकांक्षा राय
22-दुनिया
22-दुनिया
Ajay Kumar Vimal
*बादल दोस्त हमारा (बाल कविता)*
*बादल दोस्त हमारा (बाल कविता)*
Ravi Prakash
इक दुनिया है.......
इक दुनिया है.......
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
लोग तो मुझे अच्छे दिनों का राजा कहते हैं,
लोग तो मुझे अच्छे दिनों का राजा कहते हैं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
कुंडलिया
कुंडलिया
गुमनाम 'बाबा'
स्त्री-देह का उत्सव / MUSAFIR BAITHA
स्त्री-देह का उत्सव / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
2869.*पूर्णिका*
2869.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
💜💠💠💠💜💠💠💠💜
💜💠💠💠💜💠💠💠💜
Manoj Kushwaha PS
पग पग पे देने पड़ते
पग पग पे देने पड़ते
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
महा कवि वृंद रचनाकार,
महा कवि वृंद रचनाकार,
Neelam Sharma
अहम जब बढ़ने लगता🙏🙏
अहम जब बढ़ने लगता🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
नारी के चरित्र पर
नारी के चरित्र पर
Dr fauzia Naseem shad
सिर्फ खुशी में आना तुम
सिर्फ खुशी में आना तुम
Jitendra Chhonkar
मिलेंगे इक रोज तसल्ली से हम दोनों
मिलेंगे इक रोज तसल्ली से हम दोनों
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
फूल और तुम
फूल और तुम
Sidhant Sharma
प्रार्थना (मधुमालती छन्द)
प्रार्थना (मधुमालती छन्द)
नाथ सोनांचली
गांव की सैर
गांव की सैर
जगदीश लववंशी
खुला आसमान
खुला आसमान
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
लोगों का मुहं बंद करवाने से अच्छा है
लोगों का मुहं बंद करवाने से अच्छा है
Yuvraj Singh
रमेशराज की चिड़िया विषयक मुक्तछंद कविताएँ
रमेशराज की चिड़िया विषयक मुक्तछंद कविताएँ
कवि रमेशराज
मैं विवेक शून्य हूँ
मैं विवेक शून्य हूँ
संजय कुमार संजू
है जो बात अच्छी, वो सब ने ही मानी
है जो बात अच्छी, वो सब ने ही मानी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...