Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 May 2022 · 1 min read

वो आवाज

अनजानीयॉ थी मुझमें की दुनिया बेसाज है ।
सुना जो आवाज तेरा तो कयामत सी आज है ।।
जो रिस्ते सदियों टूट गये थे ।
यू ही लगता है कि आज वो मेरे पास है ।।
जिस आवाज से फिर भी बन सकूँगा आदमी ।
वो दर्द दिल की दवा अब तेरे पास है ।।
चाँद भी शर्मायेगा इस तेरे रूप पर ।
प्यार से भी प्यारी ये तेरी आवाज है ।।
कोई बतलाये उनको कि क्या हुआ है मुझे ।
उनके आने की अब भी मुझे आस है ।।
मुर्दा समझ के मुझे कही वो ना चल पड़े ।
जा के कह दो उन्हें इस लोथ में साँस है ।।

महेंद्र कुमार राय
9935880999

Language: Hindi
Tag: शेर
1 Like · 1 Comment · 389 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बेपरवाह
बेपरवाह
Omee Bhargava
स्वतंत्रता का अनजाना स्वाद
स्वतंत्रता का अनजाना स्वाद
Mamta Singh Devaa
■ मूर्खतापूर्ण कृत्य...।।
■ मूर्खतापूर्ण कृत्य...।।
*Author प्रणय प्रभात*
दोस्ती के नाम.....
दोस्ती के नाम.....
Naushaba Suriya
2953.*पूर्णिका*
2953.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
चिला रोटी
चिला रोटी
Lakhan Yadav
तृष्णा उस मृग की भी अब मिटेगी, तुम आवाज तो दो।
तृष्णा उस मृग की भी अब मिटेगी, तुम आवाज तो दो।
Manisha Manjari
आईने में ...
आईने में ...
Manju Singh
आगे बढ़कर जीतता, धावक को दे मात (कुंडलिया)
आगे बढ़कर जीतता, धावक को दे मात (कुंडलिया)
Ravi Prakash
प्राणवल्लभा 2
प्राणवल्लभा 2
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
जीवन जितना
जीवन जितना
Dr fauzia Naseem shad
महाशक्तियों के संघर्ष से उत्पन्न संभावित परिस्थियों के पक्ष एवं विपक्ष में तर्कों का विश्लेषण
महाशक्तियों के संघर्ष से उत्पन्न संभावित परिस्थियों के पक्ष एवं विपक्ष में तर्कों का विश्लेषण
Shyam Sundar Subramanian
मानवता और जातिगत भेद
मानवता और जातिगत भेद
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
अच्छा ही हुआ कि तुमने धोखा दे  दिया......
अच्छा ही हुआ कि तुमने धोखा दे दिया......
Rakesh Singh
संसार का स्वरूप (2)
संसार का स्वरूप (2)
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
अन्तिम स्वीकार ....
अन्तिम स्वीकार ....
sushil sarna
"एक सवाल"
Dr. Kishan tandon kranti
तू ज़रा धीरे आना
तू ज़रा धीरे आना
मनोज कुमार
वो सांझ
वो सांझ
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
****** घूमते घुमंतू गाड़ी लुहार ******
****** घूमते घुमंतू गाड़ी लुहार ******
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
जहर मे भी इतना जहर नही होता है,
जहर मे भी इतना जहर नही होता है,
Ranjeet kumar patre
कभी कभी प्रतीक्षा
कभी कभी प्रतीक्षा
पूर्वार्थ
शीर्षक -  आप और हम जीवन के सच
शीर्षक - आप और हम जीवन के सच
Neeraj Agarwal
🌹थम जा जिन्दगी🌹
🌹थम जा जिन्दगी🌹
Dr Shweta sood
#drarunkumarshastri♥️❤️
#drarunkumarshastri♥️❤️
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कुछ मुक्तक...
कुछ मुक्तक...
डॉ.सीमा अग्रवाल
🌹मेरी इश्क सल्तनत 🌹
🌹मेरी इश्क सल्तनत 🌹
साहित्य गौरव
रात का रक्स जारी है
रात का रक्स जारी है
हिमांशु Kulshrestha
एक पराई नार को 💃🏻
एक पराई नार को 💃🏻
Yash mehra
कविता
कविता
Bodhisatva kastooriya
Loading...