Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Apr 2024 · 1 min read

रिश्तों की सिलाई अगर भावनाओ से हुई हो

रिश्तों की सिलाई अगर भावनाओ से हुई हो
तो टूटना मुश्किल है
और अगर स्वार्थ से हुई हो तो टिकना मुश्किल है

96 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सुना है फिर से मोहब्बत कर रहा है वो,
सुना है फिर से मोहब्बत कर रहा है वो,
manjula chauhan
3485.🌷 *पूर्णिका* 🌷
3485.🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
🎊🏮*दीपमालिका  🏮🎊
🎊🏮*दीपमालिका 🏮🎊
Shashi kala vyas
# विचार
# विचार
DrLakshman Jha Parimal
"सूनी मांग" पार्ट-2
Radhakishan R. Mundhra
कुछ काम करो , कुछ काम करो
कुछ काम करो , कुछ काम करो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
जन मन में हो उत्कट चाह
जन मन में हो उत्कट चाह
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
कुत्ते का श्राद्ध
कुत्ते का श्राद्ध
Satish Srijan
Dr . Arun Kumar Shastri - ek abodh balak
Dr . Arun Kumar Shastri - ek abodh balak
DR ARUN KUMAR SHASTRI
संदेश बिन विधा
संदेश बिन विधा
Mahender Singh
गांधी के साथ हैं हम लोग
गांधी के साथ हैं हम लोग
Shekhar Chandra Mitra
काफी लोगो ने मेरे पढ़ने की तेहरिन को लेकर सवाल पूंछा
काफी लोगो ने मेरे पढ़ने की तेहरिन को लेकर सवाल पूंछा
पूर्वार्थ
मंत्र: सिद्ध गंधर्व यक्षाधैसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात्
मंत्र: सिद्ध गंधर्व यक्षाधैसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात्
Harminder Kaur
तनहाई
तनहाई
Sanjay ' शून्य'
#आलेख-
#आलेख-
*प्रणय प्रभात*
मुखौटा!
मुखौटा!
कविता झा ‘गीत’
घर और घर की याद
घर और घर की याद
डॉ० रोहित कौशिक
तारीफ....... तुम्हारी
तारीफ....... तुम्हारी
Neeraj Agarwal
"सुधार"
Dr. Kishan tandon kranti
ऐ भाई - दीपक नीलपदम्
ऐ भाई - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
सजधज कर आती नई , दुल्हन एक समान(कुंडलिया)
सजधज कर आती नई , दुल्हन एक समान(कुंडलिया)
Ravi Prakash
बमुश्किल से मुश्किल तक पहुँची
बमुश्किल से मुश्किल तक पहुँची
सिद्धार्थ गोरखपुरी
बेटी को जन्मदिन की बधाई
बेटी को जन्मदिन की बधाई
लक्ष्मी सिंह
है हार तुम्ही से जीत मेरी,
है हार तुम्ही से जीत मेरी,
कृष्णकांत गुर्जर
वो अनुराग अनमोल एहसास
वो अनुराग अनमोल एहसास
Seema gupta,Alwar
ज़िंदगी को दर्द
ज़िंदगी को दर्द
Dr fauzia Naseem shad
गांव के छोरे
गांव के छोरे
जय लगन कुमार हैप्पी
मेरा और उसका अब रिश्ता ना पूछो।
मेरा और उसका अब रिश्ता ना पूछो।
शिव प्रताप लोधी
व्यंग्य एक अनुभाव है +रमेशराज
व्यंग्य एक अनुभाव है +रमेशराज
कवि रमेशराज
छद्म शत्रु
छद्म शत्रु
Arti Bhadauria
Loading...