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23 Jan 2024 · 1 min read

राम आधार हैं

जब मन अपना निर्मल होगा
पावन मन और हृदय होगा
आएंगे तब राम लला
जिसके हृदय में प्रेम बसेगा

छल कपट ना प्रपंच होगा
वात्सल्य और भातृत्व भाव रहेगा
जब मन अपना निर्मल होगा
पावन मन और हृदय होगा

राम सिर्फ नाम नहीं
आधार हैं सम्मान का
जिसके हॄदय में मान हो
अपने मात-पिता परिवार का

जब मन अपना निर्मल होगा
पावन मन और हृदय होगा

ममता रानी
दुमका,झारखंड

Tag: Poem
1 Like · 73 Views
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