Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Aug 2022 · 1 min read

“रक्षाबंधन पर्व”

रहे प्यार अक्षुण्ण,
बहन-भाई का सब दिन, जग मेँ।
स्नेह-सूत्र की याद दिलाने,
रक्षाबंधन आया।।

रहे ललाट, कभी ना सूना,
अभिलाषा, भगिनी की।
भ्रात्र-भाल पर तिलक लगाने,
रक्षाबंधन आया।।

बँधे कलाई पर राखी,
सिँवई की घर-घर धूम मचे।
पूड़ी सँग पकवान खिलाने,
रक्षाबंधन आया।।

रहे सुरक्षा बहनों की,
मन से सँशय, सँकोच मिटे।
श्रृद्धा अरु विश्वास जगाने,
रक्षाबंधन आया।।

बहा रक्त जब कृष्ण कलाई,
बँधा द्रौपदी का पल्लू।
सँस्कार, सद्भाव, सिखाने,
रक्षाबंधन आया।।

चीर हरण की जब नौबत थी,
वस्त्रोँ के अम्बार लगे।
रिश्ते की गरिमा समझाने,
रक्षाबंधन आया।।

भले व्यस्त, जीवन हो कितना,
किन्तु पर्व का ध्यान रहे।
घर-घर मेँ सौहार्द्र बढ़ाने,
रक्षाबंधन आया।।

विधि-विधान से हो पूजन,
“आशा” का प्रादुर्भाव रहे।
रोली-अक्षत, थाल सजाने,
रक्षाबंधन आया।।

मृदुल ज्योत्सना से अभिसिंचित,
गृह-उपवन हो सारा।
भीनी सी, सुगन्ध, फैलाने,
रक्षाबंधन आया..!

——//——//——-//——-//——-//——-

रचयिता-

Dr.asha kumar rastogi
M.D.(Medicine),DTCD
Ex.Senior Consultant Physician,district hospital, Moradabad.
Presently working as Consultant Physician and Cardiologist,sri Dwarika hospital,near sbi Muhamdi,dist Lakhimpur kheri U.P. 262804 M.9415559964

Language: Hindi
29 Likes · 42 Comments · 565 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
View all
You may also like:
मत रो मां
मत रो मां
Shekhar Chandra Mitra
"बुराई की जड़"
Dr. Kishan tandon kranti
बेइंतहा सब्र बक्शा है
बेइंतहा सब्र बक्शा है
Dheerja Sharma
खरगोश
खरगोश
SHAMA PARVEEN
पिछले पन्ने 9
पिछले पन्ने 9
Paras Nath Jha
नसीबों का मुकद्दर पर अब कोई राज़ तो होगा ।
नसीबों का मुकद्दर पर अब कोई राज़ तो होगा ।
Phool gufran
होली का त्यौहार
होली का त्यौहार
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
!! ख़ुद को खूब निरेख !!
!! ख़ुद को खूब निरेख !!
Chunnu Lal Gupta
"समय क़िस्मत कभी भगवान को तुम दोष मत देना
आर.एस. 'प्रीतम'
मंत्र: सिद्ध गंधर्व यक्षाधैसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात्
मंत्र: सिद्ध गंधर्व यक्षाधैसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात्
Harminder Kaur
जहर मे भी इतना जहर नही होता है,
जहर मे भी इतना जहर नही होता है,
Ranjeet kumar patre
क्या मिला मुझको उनसे
क्या मिला मुझको उनसे
gurudeenverma198
संस्कार संस्कृति सभ्यता
संस्कार संस्कृति सभ्यता
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
खुद की अगर खुद से
खुद की अगर खुद से
Dr fauzia Naseem shad
संकल्प
संकल्प
Dr. Pradeep Kumar Sharma
पूछूँगा मैं राम से,
पूछूँगा मैं राम से,
sushil sarna
इश्क़ में कोई
इश्क़ में कोई
लक्ष्मी सिंह
इंसान
इंसान
Bodhisatva kastooriya
हिन्दी दोहा - दया
हिन्दी दोहा - दया
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
हमारे जीवन की सभी समस्याओं की वजह सिर्फ दो शब्द है:—
हमारे जीवन की सभी समस्याओं की वजह सिर्फ दो शब्द है:—
पूर्वार्थ
प्यार दीवाना ही नहीं होता
प्यार दीवाना ही नहीं होता
Dr Archana Gupta
चंदा मामा (बाल कविता)
चंदा मामा (बाल कविता)
Ravi Prakash
धीरे धीरे
धीरे धीरे
रवि शंकर साह
#लोकपर्व-
#लोकपर्व-
*प्रणय प्रभात*
रमेशराज के हास्य बालगीत
रमेशराज के हास्य बालगीत
कवि रमेशराज
🍃🌾🌾
🍃🌾🌾
Manoj Kushwaha PS
2816. *पूर्णिका*
2816. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सावन
सावन
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
दोस्ती
दोस्ती
Neeraj Agarwal
दुनिया को ऐंसी कलम चाहिए
दुनिया को ऐंसी कलम चाहिए
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...