Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Dec 2022 · 1 min read

मैं सरकारी बाबू हूं

कोसते है मुझे सब
कहते हैं मैं काम नहीं करता
करता भी हूं काम कोई
तो मैं रिश्वत के बिना नहीं करता

जितना बुरा बताया जाता है
उतना बुरा मैं हूँ नहीं
जैसे मुझे दिखाया जाता है
वो सच्चाई है नहीं

सुबह से शाम तक
फ़ाइलों से घिरा रहता हूँ
थक जाता हूँ मैं भी
किसी से कुछ नहीं कहता हूँ

जो खुद कुछ नहीं करते
वो भी निकम्मा कहते हैं मुझे
देता हूं देश की तरक्की में
अपना योगदान, गर्व है मुझे

हो सिस्टम में कोई भी कमी
इल्ज़ाम मुझपर डाल दिया जाता है
मैं तो रिश्वत लेता नहीं कभी
कसूरवार मुझको मान लिया जाता है

होते हैं क्या अच्छे लोग ही यहां
हम में से भी कुछ बुरे हो सकते हैं
बदनाम कर दो आप सभी को उनके कारण
आप ऐसा कैसे कर सकते हैं

मेरा भी है घर परिवार
मां बाप पत्नी बच्चे सब साथ रहते हैं
उनको भी बुरा लगता है
जब बिना वजह लोग मुझे कोसते रहते हैं

मैं तो करता हूं बस काम अपना
बंधा हूं नियमों और कायदों से मैं
है नहीं मेरी अपनी दुकान यहां
जो तुरंत दे दूं ग्राहकों को सामान मैं

लगता है थोड़ा समय यहां
अपने कर्तव्य से नहीं करता समझौता मैं
करता हूं नियमों का पालन
होने नहीं देता कभी किसी से अन्याय मैं

होते हैं हर जगह बुरे लोग भी
चंद बुरे लोगों के लिए न करो बदनाम मुझे
नहीं चाहता करो मेरी तारीफ तुम
बस करने दो अपना काम ईमानदारी से मुझे।

Language: Hindi
13 Likes · 1 Comment · 991 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
View all
You may also like:
कौन कहता है कि नदी सागर में
कौन कहता है कि नदी सागर में
Anil Mishra Prahari
"Every person in the world is a thief, the only difference i
ASHISH KUMAR SINGH
*मोर पंख* ( 12 of 25 )
*मोर पंख* ( 12 of 25 )
Kshma Urmila
“ प्रेमक बोल सँ लोक केँ जीत सकैत छी ”
“ प्रेमक बोल सँ लोक केँ जीत सकैत छी ”
DrLakshman Jha Parimal
■ मुस्कान में भगवान...
■ मुस्कान में भगवान...
*प्रणय प्रभात*
महादेव का भक्त हूँ
महादेव का भक्त हूँ
लक्ष्मी सिंह
24/238. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/238. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
पेंशन
पेंशन
Sanjay ' शून्य'
*राम अर्थ है भारत का अब, भारत मतलब राम है (गीत)*
*राम अर्थ है भारत का अब, भारत मतलब राम है (गीत)*
Ravi Prakash
जबसे उनको रकीब माना है।
जबसे उनको रकीब माना है।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
गोंडीयन विवाह रिवाज : लमझाना
गोंडीयन विवाह रिवाज : लमझाना
GOVIND UIKEY
कुर्सी
कुर्सी
Bodhisatva kastooriya
आजादी की चाहत
आजादी की चाहत
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
अपनी मर्ज़ी
अपनी मर्ज़ी
Dr fauzia Naseem shad
'आरक्षितयुग'
'आरक्षितयुग'
पंकज कुमार कर्ण
सबको सिर्फ़ चमकना है अंधेरा किसी को नहीं चाहिए।
सबको सिर्फ़ चमकना है अंधेरा किसी को नहीं चाहिए।
Harsh Nagar
किया है तुम्हें कितना याद ?
किया है तुम्हें कितना याद ?
The_dk_poetry
तुमने कितनो के दिल को तोड़ा है
तुमने कितनो के दिल को तोड़ा है
Madhuyanka Raj
..........?
..........?
शेखर सिंह
दिल हमारा तुम्हारा धड़कने लगा।
दिल हमारा तुम्हारा धड़कने लगा।
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
जरूरी तो नहीं
जरूरी तो नहीं
Awadhesh Singh
****माता रानी आई ****
****माता रानी आई ****
Kavita Chouhan
फ़ना
फ़ना
Atul "Krishn"
रचना प्रेमी, रचनाकार
रचना प्रेमी, रचनाकार
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
माँ का महत्व
माँ का महत्व
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
"बेहतर है चुप रहें"
Dr. Kishan tandon kranti
Don't bask in your success
Don't bask in your success
सिद्धार्थ गोरखपुरी
जब स्वयं के तन पर घाव ना हो, दर्द समझ नहीं आएगा।
जब स्वयं के तन पर घाव ना हो, दर्द समझ नहीं आएगा।
Manisha Manjari
साइंस ऑफ लव
साइंस ऑफ लव
Dr. Pradeep Kumar Sharma
इम्तहान दे कर थक गया , मैं इस जमाने को ,
इम्तहान दे कर थक गया , मैं इस जमाने को ,
Neeraj Mishra " नीर "
Loading...