Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Jan 2017 · 2 min read

मैं कवि होकर केवल कवि का फर्ज निभाता हूँ

अत्याचारी कुटिलों को मैं, आँख दिखाता हूँ ।
दुखियारी आँखों के काजल, को बहलाता हूँ ।
मैं कवि होकर, केवल कवि का, फर्ज निभाता हूँ….।।टेक।।

जब जीवन की राह कटीली, चुभने लगती है ।
स्वाभिमान की चोट सफर में, दुखने लगती है ।
तब नीरस पथ पर आशा के, दीप जलाता हूँ…..
मैं कवि होकर ……….।।

जब रिश्तो की पुरवाई भी, मन बहलाती है ।
जब सांसों की लड़ी गैर से, भी जुड़ जाती है ।
तब दिल के कहने पर अपनी, कलम उठाता हूँ..
मैं कवि होकर, केवल कवि का, फर्ज निभाता हूँ ।।

जब पल भर का साथ कई,जन्मो का लगता है ।
जब पलकों में किसी और का, सपना पलता है ।
तब धड़कन के गीत सहज, कविता में गाता हूँ….
मैं कवि होकर…………।।

जब पौधे बरगद को तनकर, आँख दिखाते हैं ।
जब पंखों को पाकर पंछी, भी उड़ जाते हैं ।
तब बूढ़े तन पर कोमलता, से सहलाता हूँ …
मैं कवि होकर………।।

जब सरहद पर सैनिक अपना, खून बहाता है ।
जब जीवन आधे रस्ते में, ही रुक जाता है ।
तब उस गौरवशाली पथ पर, शीश नवाता हूँ…
मैं कवि होकर………….।।

राजनीति जब लोकतंत्र पर, हावी होती है ।
भ्रष्ट और कुत्सित लोगों को, संसद ढोती है ।
तब बनकर कौटिल्य धर्म की, नीति सिखाता हूँ….
मैं कवि होकर…………।।

भूँख गरीबी लाचारी जब, सिसकी लेती है ।
जब दौलत सूनी आँखों पर, चुटकी लेती है ।
तब कुदरत की इस अनदेखी, से लड़ जाता हूँ…..
मैं कवि होकर……….।।

जब हंसों की जगह गिद्ध, आकर जम जाते हैं ।
आरक्षण के बल पर प्रतिभा, को धमकाते हैं ।
तब भारत की दीन दशा पर, कलम चलाता हूँ….
मैं कवि होकर…………।।

संबिधान की गरिमा चौसर, जब हो जाती है ।
न्याय द्रोपदी स्वयं युधिष्ठिर, से घबराती है ।
तब हाथों में कृष्ण सरीखे, चक्र उठाता हूँ…
मैं कवि होकर………….।।

जब अर्जुन कर्तव्य मार्ग से, विचलित होता है ।
धर्म युद्ध में धर्म, मोह के, पथ में खोता है ।
तब मैं व्यास रूप में गीता, सार सुनाता हूँ…..
मैं कवि होकर……….।।

जब ज्ञानी मद में अभिमानी, रावण बन जाये ।
सुचिता का अनुगामी जिद पर, जब भी अड़ जाये ।
तब दुनिया को रामायण की सीख सिखाता हूँ…..।
मैं कवि होकर………..।।

राहुल द्विवेदी ‘स्मित’

Language: Hindi
Tag: गीत
254 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
चूल्हे की रोटी
चूल्हे की रोटी
प्रीतम श्रावस्तवी
मेनका की मी टू
मेनका की मी टू
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Kitna mushkil hota hai jab safar me koi sath nhi hota.
Kitna mushkil hota hai jab safar me koi sath nhi hota.
Sakshi Tripathi
वह
वह
Lalit Singh thakur
"प्रीत की डोर”
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
Exam Stress
Exam Stress
Tushar Jagawat
ज़िंदगी पर तो
ज़िंदगी पर तो
Dr fauzia Naseem shad
छोड़ कर महोब्बत कहा जाओगे
छोड़ कर महोब्बत कहा जाओगे
Anil chobisa
रहता धन अक्षय कहाँ, सोना-चाँदी-नोट( कुंडलिया)
रहता धन अक्षय कहाँ, सोना-चाँदी-नोट( कुंडलिया)
Ravi Prakash
सबूत- ए- इश्क़
सबूत- ए- इश्क़
राहुल रायकवार जज़्बाती
कुछ ही लोगों का जन्म दुनियां को संवारने के लिए होता है। अधिक
कुछ ही लोगों का जन्म दुनियां को संवारने के लिए होता है। अधिक
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
रमेशराज के पशु-पक्षियों से सम्बधित बाल-गीत
रमेशराज के पशु-पक्षियों से सम्बधित बाल-गीत
कवि रमेशराज
हर एक शख्स से उम्मीद रखता है
हर एक शख्स से उम्मीद रखता है
कवि दीपक बवेजा
"बँटबारे का दंश"
Dr. Kishan tandon kranti
खंड काव्य लिखने के महारथी तो हो सकते हैं,
खंड काव्य लिखने के महारथी तो हो सकते हैं,
DrLakshman Jha Parimal
दिव्य बोध।
दिव्य बोध।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
क्यूँ भागती हैं औरतें
क्यूँ भागती हैं औरतें
Pratibha Pandey
💐प्रेम कौतुक-233💐
💐प्रेम कौतुक-233💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बढ़े चलो ऐ नौजवान
बढ़े चलो ऐ नौजवान
नेताम आर सी
उफ़,
उफ़,
Vishal babu (vishu)
3057.*पूर्णिका*
3057.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
संत नरसी (नरसिंह) मेहता
संत नरसी (नरसिंह) मेहता
Pravesh Shinde
॰॰॰॰॰॰यू॰पी की सैर॰॰॰॰॰॰
॰॰॰॰॰॰यू॰पी की सैर॰॰॰॰॰॰
Dr. Vaishali Verma
*** चल अकेला.....!!! ***
*** चल अकेला.....!!! ***
VEDANTA PATEL
*┄┅════❁ 卐ॐ卐 ❁════┅┄​*
*┄┅════❁ 卐ॐ卐 ❁════┅┄​*
Satyaveer vaishnav
रख हौसला, कर फैसला, दृढ़ निश्चय के साथ
रख हौसला, कर फैसला, दृढ़ निश्चय के साथ
Krishna Manshi
सबसे नालायक बेटा
सबसे नालायक बेटा
आकांक्षा राय
करी लाडू
करी लाडू
Ranjeet kumar patre
भारत
भारत
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
Loading...