Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Aug 2023 · 1 min read

मैं एक खिलौना हूं…

….. मैं एक खिलौना हूं…

चाभी से चलने वाला एक खिलौना हूं
किसी की खुशियों की खातिर
घूमनेवाला खिलौना हूं
मैं एक खिलौना हूं……

मैं ,इंसानों सा जीनेवाला नही
मेरा कोई जीवन नही
रिवाजों के सांचे मे कैद हूं
संस्कारों की सीख का पुतला हूं
अच्छाई या बुराई का मुहूर्त नही मैं
मैं सिर्फ बाजारू खिलौना हूं
हां,में एक खिलौना हूं
चाभी से चलने वाला हूं….

मैं,पत्थर सा बेजान हूं
फूल सी खुशबू नही मुझमें
मैं कोई आसमान नही
सपनों को छू सकूं ,वह इंसान नही
मैं पहुंच सकूं ,ऐसा कोई अरमान नही
मैं ,एक खिलौना हूं
चाभी से चलने वाला हूं….

मैं धूप मे तपा
बर्फ की ढलान पर खड़ा
खुशियों से फासला रखनेवाला
बस ,एक खिलौना हूं
चाभी से चलनेवाला हूं
मैं ,एक खिलौना हूं
मैं बस,एक खिलौना हूं…..
…………………..
नौशाबा,महाराष्ट्र ,सिंदी (रे )

Tag: Poem
1 Like · 121 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*भालू (बाल कविता)*
*भालू (बाल कविता)*
Ravi Prakash
चौखट पर जलता दिया और यामिनी, अपलक निहार रहे हैं
चौखट पर जलता दिया और यामिनी, अपलक निहार रहे हैं
पूर्वार्थ
मतदान करो
मतदान करो
TARAN VERMA
दूरी जरूरी
दूरी जरूरी
Sanjay ' शून्य'
साधना से सिद्धि.....
साधना से सिद्धि.....
Santosh Soni
सुबह की नींद सबको प्यारी होती है।
सुबह की नींद सबको प्यारी होती है।
Yogendra Chaturwedi
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-151से चुने हुए श्रेष्ठ दोहे (लुगया)
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-151से चुने हुए श्रेष्ठ दोहे (लुगया)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
महसूस किए जाते हैं एहसास जताए नहीं जाते.
महसूस किए जाते हैं एहसास जताए नहीं जाते.
शेखर सिंह
कंटक जीवन पथ के राही
कंटक जीवन पथ के राही
AJAY AMITABH SUMAN
महसूस कर रही हूँ बेरंग ख़ुद को मैं
महसूस कर रही हूँ बेरंग ख़ुद को मैं
Neelam Sharma
"सौन्दर्य"
Dr. Kishan tandon kranti
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
2431.पूर्णिका
2431.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
आंगन महक उठा
आंगन महक उठा
Harminder Kaur
वफ़ा के बदले हमें वफ़ा न मिला
वफ़ा के बदले हमें वफ़ा न मिला
Keshav kishor Kumar
दर्शन
दर्शन
Dr.Pratibha Prakash
जीवन की परिभाषा क्या ?
जीवन की परिभाषा क्या ?
Dr fauzia Naseem shad
ससुराल का परिचय
ससुराल का परिचय
Seema gupta,Alwar
जी.आज़ाद मुसाफिर भाई
जी.आज़ाद मुसाफिर भाई
gurudeenverma198
बेहद दौलत भरी पड़ी है।
बेहद दौलत भरी पड़ी है।
सत्य कुमार प्रेमी
उनको देखा तो हुआ,
उनको देखा तो हुआ,
sushil sarna
उसका प्यार
उसका प्यार
Dr MusafiR BaithA
!! वीणा के तार !!
!! वीणा के तार !!
Chunnu Lal Gupta
अंजाम
अंजाम
Bodhisatva kastooriya
जय भोलेनाथ ।
जय भोलेनाथ ।
Anil Mishra Prahari
क्या खूब दिन थे
क्या खूब दिन थे
Pratibha Pandey
लेखक
लेखक
Shweta Soni
उल्लू नहीं है पब्लिक जो तुम उल्लू बनाते हो, बोल-बोल कर अपना खिल्ली उड़ाते हो।
उल्लू नहीं है पब्लिक जो तुम उल्लू बनाते हो, बोल-बोल कर अपना खिल्ली उड़ाते हो।
Anand Kumar
मोहब्बत का मेरी, उसने यूं भरोसा कर लिया।
मोहब्बत का मेरी, उसने यूं भरोसा कर लिया।
इ. प्रेम नवोदयन
बनारस के घाटों पर रंग है चढ़ा,
बनारस के घाटों पर रंग है चढ़ा,
Sahil Ahmad
Loading...