Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jun 2020 · 1 min read

” मेरे हमदर्द “

ये बादल , मौसम , पंछी और ये हवाएं
पता नहीं कैसा रिश्ता है ये निभाती है ।

जब भी मेरी आंखें नम हो जाती है ,
ये बारिश की बूंदें इन्हें अपने साथ बहा कर ले जाती है ।

ये हवाओं के झोंके बड़ी ममता के साथ
गले लगा कर ,
पल भर में होंठों पर मुस्कान दे जाती है ।

हर मोड़ पर मेरा ये ,
अपना सा साथ निभाती है ।

हर बार मुझसे मिलने ,
एक नए अंदाज में आती है ।

अपनी अदाओं से ,
मुझमें एक नई ज्योति को जगाती है ।

कोई मेरी साथ हो ना हो ,
ये मेरे लिए ही इस धरती पर आती है ।

– ज्योति

Language: Hindi
6 Likes · 2 Comments · 443 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from ज्योति
View all
You may also like:
भगवा है पहचान हमारी
भगवा है पहचान हमारी
Dr. Pratibha Mahi
अपना - पराया
अपना - पराया
Neeraj Agarwal
প্রফুল্ল হৃদয় এবং হাস্যোজ্জ্বল চেহারা
প্রফুল্ল হৃদয় এবং হাস্যোজ্জ্বল চেহারা
Sakhawat Jisan
न्याय होता है
न्याय होता है
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
2771. *पूर्णिका*
2771. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
फनकार
फनकार
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
जुनून
जुनून
DR ARUN KUMAR SHASTRI
!! फूलों की व्यथा !!
!! फूलों की व्यथा !!
Chunnu Lal Gupta
न जाने क्या ज़माना चाहता है
न जाने क्या ज़माना चाहता है
Dr. Alpana Suhasini
पिता
पिता
लक्ष्मी सिंह
दुआ
दुआ
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
सुनो पहाड़ की.....!!! (भाग - ५)
सुनो पहाड़ की.....!!! (भाग - ५)
Kanchan Khanna
भोर पुरानी हो गई
भोर पुरानी हो गई
आर एस आघात
"बगैर"
Dr. Kishan tandon kranti
👏बुद्धं शरणम गच्छामी👏
👏बुद्धं शरणम गच्छामी👏
*प्रणय प्रभात*
भारत शांति के लिए
भारत शांति के लिए
नेताम आर सी
प्यार और मोहब्बत नहीं, इश्क है तुमसे
प्यार और मोहब्बत नहीं, इश्क है तुमसे
पूर्वार्थ
ये जो उच्च पद के अधिकारी है,
ये जो उच्च पद के अधिकारी है,
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
Friendship Day
Friendship Day
Tushar Jagawat
जिस्म से जान निकालूँ कैसे ?
जिस्म से जान निकालूँ कैसे ?
Manju sagar
मेरे ख्वाब ।
मेरे ख्वाब ।
Sonit Parjapati
रहे_ ना _रहे _हम सलामत रहे वो,
रहे_ ना _रहे _हम सलामत रहे वो,
कृष्णकांत गुर्जर
हर रोज़
हर रोज़
Dr fauzia Naseem shad
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक महीने में शुक्ल पक्ष की
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक महीने में शुक्ल पक्ष की
Shashi kala vyas
कैसे कहूँ ‘आनन्द‘ बनने में ज़माने लगते हैं
कैसे कहूँ ‘आनन्द‘ बनने में ज़माने लगते हैं
Anand Kumar
छोड़ कर घर बार सब जाएं कहीं।
छोड़ कर घर बार सब जाएं कहीं।
सत्य कुमार प्रेमी
मंजिलों की तलाश में, रास्ते तक खो जाते हैं,
मंजिलों की तलाश में, रास्ते तक खो जाते हैं,
Manisha Manjari
नीचे तबके का मनुष्य , जागरूक , शिक्षित एवं सबसे महत्वपूर्ण ब
नीचे तबके का मनुष्य , जागरूक , शिक्षित एवं सबसे महत्वपूर्ण ब
Raju Gajbhiye
अजब तमाशा जिन्दगी,
अजब तमाशा जिन्दगी,
sushil sarna
नीति प्रकाश : फारसी के प्रसिद्ध कवि शेख सादी द्वारा लिखित पुस्तक
नीति प्रकाश : फारसी के प्रसिद्ध कवि शेख सादी द्वारा लिखित पुस्तक "करीमा" का ब्रज भाषा में अनुवाद*
Ravi Prakash
Loading...