Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Feb 2021 · 1 min read

मेरी दुआ

हमारी ये दुआ हे रब से
तेरी आंखों में एक आंसू भी न लाएं
यदि निकले भी तेरी आंख से एक आंसू
तो दूसरे ही पल खुशियों के महकाने है सजाये। ❤️

Language: Hindi
3 Likes · 320 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"फर्क बहुत गहरा"
Dr. Kishan tandon kranti
मैं निकल गया तेरी महफिल से
मैं निकल गया तेरी महफिल से
VINOD CHAUHAN
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वाणी से उबल रहा पाणि
वाणी से उबल रहा पाणि
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
एक अजीब कशिश तेरे रुखसार पर ।
एक अजीब कशिश तेरे रुखसार पर ।
Phool gufran
2580.पूर्णिका
2580.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
जरूरत के हिसाब से ही
जरूरत के हिसाब से ही
Dr Manju Saini
रंगमंच
रंगमंच
लक्ष्मी सिंह
मैं चाहता हूं इस बड़ी सी जिन्दगानी में,
मैं चाहता हूं इस बड़ी सी जिन्दगानी में,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
कर्णधार
कर्णधार
Shyam Sundar Subramanian
प्यार/प्रेम की कोई एकमत परिभाषा कतई नहीं हो सकती।
प्यार/प्रेम की कोई एकमत परिभाषा कतई नहीं हो सकती।
Dr MusafiR BaithA
अपनों के बीच रहकर
अपनों के बीच रहकर
पूर्वार्थ
"नवरात्रि पर्व"
Pushpraj Anant
मशक-पाद की फटी बिवाई में गयन्द कब सोता है ?
मशक-पाद की फटी बिवाई में गयन्द कब सोता है ?
महेश चन्द्र त्रिपाठी
हौसला
हौसला
डॉ. शिव लहरी
खत
खत
Punam Pande
गम के पीछे ही खुशी है ये खुशी कहने लगी।
गम के पीछे ही खुशी है ये खुशी कहने लगी।
सत्य कुमार प्रेमी
मान तुम प्रतिमान तुम
मान तुम प्रतिमान तुम
Suryakant Dwivedi
*1977 में दो बार दिल्ली की राजनीतिक यात्राएँ: सुनहरी यादें*
*1977 में दो बार दिल्ली की राजनीतिक यात्राएँ: सुनहरी यादें*
Ravi Prakash
*भगवान के नाम पर*
*भगवान के नाम पर*
Dushyant Kumar
उलझनें रूकती नहीं,
उलझनें रूकती नहीं,
Sunil Maheshwari
कामना के प्रिज़्म
कामना के प्रिज़्म
Davina Amar Thakral
हमसफ़र
हमसफ़र
अखिलेश 'अखिल'
गुफ्तगू
गुफ्तगू
Naushaba Suriya
मां महागौरी
मां महागौरी
Mukesh Kumar Sonkar
फूल और तुम
फूल और तुम
Sidhant Sharma
थाल सजाकर दीप जलाकर रोली तिलक करूँ अभिनंदन ‌।
थाल सजाकर दीप जलाकर रोली तिलक करूँ अभिनंदन ‌।
Neelam Sharma
बहुत देखें हैं..
बहुत देखें हैं..
Srishty Bansal
क्या विरासत में
क्या विरासत में
Dr fauzia Naseem shad
है माँ
है माँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
Loading...