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18 Jul 2023 · 1 min read

मेरी तो धड़कनें भी

मेरी तो धड़कनें भी
कैद हैं दिल में तेरे
हर घड़ी मेरे जज़्बातों से
फ़िर, खेलने की ज़रूरत क्या है.

हिमांशु Kulshreshtha

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