Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jan 2023 · 1 min read

मेरा होना ही हो ख़ता जैसे

जुर्म कोई किया नही फिर भी ।
मेरा होना ही हो ख़ता जैसें ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
9 Likes · 212 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr fauzia Naseem shad
View all
You may also like:
2551.*पूर्णिका*
2551.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कोशिशें करके देख लो,शायद
कोशिशें करके देख लो,शायद
Shweta Soni
अपनी सरहदें जानते है आसमां और जमीन...!
अपनी सरहदें जानते है आसमां और जमीन...!
Aarti sirsat
सबसे कठिन है
सबसे कठिन है
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
शब्द वाणी
शब्द वाणी
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
* साधा जिसने जाति को, उसका बेड़ा पार【कुंडलिया】*
* साधा जिसने जाति को, उसका बेड़ा पार【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
माँ
माँ
Anju
आज फिर हाथों में गुलाल रह गया
आज फिर हाथों में गुलाल रह गया
Rekha khichi
White patches
White patches
Buddha Prakash
For a thought, you're eternity
For a thought, you're eternity
पूर्वार्थ
🌸प्रेम कौतुक-193🌸
🌸प्रेम कौतुक-193🌸
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
तू है लबड़ा / MUSAFIR BAITHA
तू है लबड़ा / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
खुद से मुहब्बत
खुद से मुहब्बत
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
उम्र थका नही सकती,
उम्र थका नही सकती,
Yogendra Chaturwedi
*रे इन्सा क्यों करता तकरार* मानव मानव भाई भाई,
*रे इन्सा क्यों करता तकरार* मानव मानव भाई भाई,
Dushyant Kumar
मोहे हिंदी भाये
मोहे हिंदी भाये
Satish Srijan
फिर आई स्कूल की यादें
फिर आई स्कूल की यादें
Arjun Bhaskar
■ अप्रैल फ़ूल
■ अप्रैल फ़ूल
*Author प्रणय प्रभात*
' पंकज उधास '
' पंकज उधास '
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
परमूल्यांकन की न हो
परमूल्यांकन की न हो
Dr fauzia Naseem shad
लइका ल लगव नही जवान तै खाले मलाई
लइका ल लगव नही जवान तै खाले मलाई
Ranjeet kumar patre
क्यों दोष देते हो
क्यों दोष देते हो
Suryakant Dwivedi
गुरु गोविंद सिंह जी की बात बताऊँ
गुरु गोविंद सिंह जी की बात बताऊँ
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
सवा सेर
सवा सेर
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अर्थ  उपार्जन के लिए,
अर्थ उपार्जन के लिए,
sushil sarna
गजल
गजल
Anil Mishra Prahari
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet kumar Shukla
हाजीपुर
हाजीपुर
Hajipur
सुख - डगर
सुख - डगर
Sandeep Pande
चली गई ‌अब ऋतु बसंती, लगी ग़ीष्म अब तपने
चली गई ‌अब ऋतु बसंती, लगी ग़ीष्म अब तपने
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...