Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jul 2023 · 1 min read

मेरा सोमवार

पप्पू भैया, पप्पू भैया
बचा ला हमके आवा ,
कार से हमके दाब के
ऊ निकल गइल देखा।
सुबह की सैर से वापसी
मंदिर के सामने से था
कातर आवाज सुन मैं
सहसा ठिठक गया था।
अर्द्धविक्षिप्त वह सख्स
सैर में नित्य ही दीखता था,
उसके मुहं से अपना नाम
सुन मैं भी ठिठक गया था।
ठीक मंदिर के सामने
ही वह औंधे पड़ा था,
दर्शनार्थी आ जा रहे थे
पर किसे कहाँ फरक था।
करीब जाकर जब देखा
तो तन मेरा सिहर गया,
कई जगह से कट कर
रक्त तेजी से रिस रहा था।
मुझे भी आज जल्दी थी
नहाकर मंदिर जाना था ,
अचानक से मैंने अपना
फैसला बदल लिया था।
एक बोतल पानी बिस्कुट
के लिए तेजी से घर आया,
डेटोल पट्टी मलहम और
कुछ दवाइयां लेकर भागा।
मंदिर को तैयार भार्या
अभी कुछ समझ पाती,
बाद में बताने को कह
मैंने उनसे भी विदा ली।
जाकर उस सख्स के
घाव को डेटोल से धोया,
बिस्कुट पानी खिला कर
पट्टी बांध दवा खिलाया।
करते कराते नौ बज गए
घर आकर सुकून मिला,
निर्मेष मुझे लगा कि मेरा
ॐ नमः शिवाय हो गया।
निर्मेष

189 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
View all
You may also like:
सदा के लिए
सदा के लिए
Saraswati Bajpai
मनमर्जी की जिंदगी,
मनमर्जी की जिंदगी,
sushil sarna
छंद मुक्त कविता : जी करता है
छंद मुक्त कविता : जी करता है
Sushila joshi
हम इतने सभ्य है कि मत पूछो
हम इतने सभ्य है कि मत पूछो
ruby kumari
एक सलाह, नेक सलाह
एक सलाह, नेक सलाह
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
गौभक्त और संकट से गुजरते गाय–बैल / MUSAFIR BAITHA
गौभक्त और संकट से गुजरते गाय–बैल / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
* खूब कीजिए प्यार *
* खूब कीजिए प्यार *
surenderpal vaidya
चमकते सूर्य को ढलने न दो तुम
चमकते सूर्य को ढलने न दो तुम
कृष्णकांत गुर्जर
बिछ गई चौसर चौबीस की,सज गई मैदान-ए-जंग
बिछ गई चौसर चौबीस की,सज गई मैदान-ए-जंग
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
9--🌸छोड़ आये वे गलियां 🌸
9--🌸छोड़ आये वे गलियां 🌸
Mahima shukla
"आशा"
Dr. Kishan tandon kranti
रोशनी का रखना ध्यान विशेष
रोशनी का रखना ध्यान विशेष
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
रंगीला संवरिया
रंगीला संवरिया
Arvina
#समय_की_मांग
#समय_की_मांग
*प्रणय प्रभात*
माहिया छंद विधान (पंजाबी ) सउदाहरण
माहिया छंद विधान (पंजाबी ) सउदाहरण
Subhash Singhai
हर क़दम पर सराब है सचमुच
हर क़दम पर सराब है सचमुच
Sarfaraz Ahmed Aasee
किसी ज्योति ने मुझको यूं जीवन दिया
किसी ज्योति ने मुझको यूं जीवन दिया
gurudeenverma198
दुनियां में मेरे सामने क्या क्या बदल गया।
दुनियां में मेरे सामने क्या क्या बदल गया।
सत्य कुमार प्रेमी
जो लम्हें प्यार से जिया जाए,
जो लम्हें प्यार से जिया जाए,
Buddha Prakash
हँसकर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का;
हँसकर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का;
पूर्वार्थ
प्रयास जारी रखें
प्रयास जारी रखें
Mahender Singh
इश्क़ का माया जाल बिछा रही है ये दुनिया,
इश्क़ का माया जाल बिछा रही है ये दुनिया,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
सारी तल्ख़ियां गर हम ही से हों तो, बात  ही क्या है,
सारी तल्ख़ियां गर हम ही से हों तो, बात ही क्या है,
Shreedhar
खोज सत्य की जारी है
खोज सत्य की जारी है
महेश चन्द्र त्रिपाठी
!! प्रेम बारिश !!
!! प्रेम बारिश !!
The_dk_poetry
खुशी कोई वस्तु नहीं है,जो इसे अलग से बनाई जाए। यह तो आपके कर
खुशी कोई वस्तु नहीं है,जो इसे अलग से बनाई जाए। यह तो आपके कर
Paras Nath Jha
नारी शक्ति
नारी शक्ति
भरत कुमार सोलंकी
चंद अपनों की दुआओं का असर है ये ....
चंद अपनों की दुआओं का असर है ये ....
shabina. Naaz
मानवता का धर्म है,सबसे उत्तम धर्म।
मानवता का धर्म है,सबसे उत्तम धर्म।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
गौ माता...!!
गौ माता...!!
Ravi Betulwala
Loading...