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21 May 2018 · 1 min read

मेरा प्रेम अटल है

तन मेरा हरिद्वार सरीखा, दिल में गंगाजल है,
होंठों पर अमृतधारा सा, निश्छल प्रेम अटल है।
सुंदरवन की परियां भी, ना मुझे लुभा सकती हैं,
मेरे घर में चलता-फिरता, जिंदा ताजमहल है।।
-विपिन शर्मा

Language: Hindi
1 Like · 292 Views
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