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19 May 2024 · 1 min read

मुट्ठी भर रेत है जिंदगी

मुट्ठी भर रेत है जिंदगी
तेरा मेरा ख्वाब जिंदगी
सोचता हूं, बना लूं मैं भी
हसीन इमारत है जिंदगी।।

सूर्यकांत

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