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15 Apr 2018 · 1 min read

मुक्तक

मुझको तेरी चाहते-नजर चाहिए!
दिल में तमन्नाओं की लहर चाहिए!
झिलमिलाते ख्वाब हों जुगनू की तरह,
मुझको यादों का वही शहर चाहिए!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Language: Hindi
331 Views
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